UN General Assembly Meeting: अमेरिका और ईरान के बीच कई शांति वार्ता फेल होने के बाद अब दोनों देश संयुक्त राष्ट्र महासभा में हैं. लेकिन यहां भी दोनों के बीच कोई…
UN General Assembly Meeting: अमेरिका और ईरान के बीच कई शांति वार्ता फेल होने के बाद अब दोनों देश संयुक्त राष्ट्र महासभा में हैं. लेकिन यहां भी दोनों के बीच कोई बात पर नहीं बन पा रही है. अमेरिका ने फिर ईरान को बड़ी धमकी दी है. राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को पूरी तरह नष्ट करने की बात कही है. वहीं ईरानी सेना ने इस टिप्पणी का विरोध किया है
बता दें कि न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में गत 22 सितंबर से संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र की वार्षिक उच्च स्तरीय बैठक शुरू हुई है. यह 28 सितंबर तक चलनी है. इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर युद्ध खत्म करने के लिए कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह तबाह कर सकता है. हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि संयुक्त राष्ट्र में चल रही कूटनीतिक कोशिशों के बीच जल्द ही कोई समझौता हो सकता है
NEW: President Trump lays out two dramatically different paths for Iran at the United Nations: make a deal and rebuild, or face a potentially devastating escalation.”Do I drive them into hell with no chance of survival and no hope of future greatness or generations?”Despite… pic.twitter.com/CG0T5l4v0X
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके सामने एक बड़ा फैसला है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ईरान के साथ ऐसा समझौता किया जाए, जिससे वह दोबारा खड़ा होकर पहले से ज्यादा मजबूत देश बन सके, या फिर इस्लामिक रिपब्लिक को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए. ट्रंप ने कहा कि उन्हें फैसला करना है कि ईरान के साथ समझौते का रास्ता चुना जाए या उसके खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि वह भविष्य में दूसरे देशों और लोगों को नुकसान न पहुंचा सके
राष्ट्रपति ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के लिए दो बिल्कुल अलग रास्ते बताए हैं, या तो समझौता करके फिर से विकास करे, या फिर ऐसी स्थिति का सामना करे जो बहुत विनाशकारी हो सकती है. ट्रंप ने कहा कि क्या मैं उन्हें बिना किसी बचने के मौके और भविष्य में महानता या आने वाली पीढ़ियों की किसी उम्मीद के बिना नरक में धकेल दूं
चेतावनी के बावजूद, ट्रंप का मानना है कि आखिरकार चुनाव के ठीक बाद समझौता हो जाएगा; उनका तर्क है कि तेहरान के लिए इसे ठुकराने का कोई मतलब नहीं है. ये बातें ऐसे समय में कही गई हैं जब तनाव बढ़ रहा है और रुकी हुई बातचीत के कारण फिर से इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि क्या कूटनीति फिर से शुरू हो सकती है
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Source: NewsNationTV






