हरियाणा सरकार कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे के आसपास भविष्य के शहरी विस्तार को नई दिशा देने की तैयारी कर रही है. करीब 135 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के…
हरियाणा सरकार कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे के आसपास भविष्य के शहरी विस्तार को नई दिशा देने की तैयारी कर रही है. करीब 135 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के दोनों तरफ पांच नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है. सरकार की मंशा इस पूरे क्षेत्र को आने वाले वर्षों में औद्योगिक और शहरी विकास के बड़े केंद्र के रूप में तैयार करने की है
प्रस्तावित शहरों की योजना वर्ष 2041 को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है. इसमें अनुमानित आबादी के साथ-साथ आवास, सड़क और सार्वजनिक परिवहन, पानी, सीवरेज तथा अन्य जरूरी नागरिक सुविधाओं की भविष्य की मांग को भी शामिल किया जाएगा. इस परियोजना के लिए पंचग्राम विकास प्राधिकरण गठित करने की योजना भी सामने आई है
इन नए शहरों को आधुनिक और व्यवस्थित तरीके से विकसित करने के लिए हरियाणा सरकार सिंगापुर के शहरी विकास मॉडल का अध्ययन करेगी. इसके लिए राज्य सरकार का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जल्द सिंगापुर का दौरा कर वहां की शहरी योजना, आधारभूत ढांचे और नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था को समझ सकता है. इससे पहले मार्च में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर इंडिया बिजनेस फोरम के प्रतिनिधियों के साथ हरियाणा में निवेश और औद्योगिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की थी
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर के अनुसार, पंचग्राम परियोजना पर जून 2026 में हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में भी चर्चा की गई थी. ड्राफ्ट रीजनल प्लान-2041 में केएमपी एक्सप्रेसवे के साथ पांच नए शहर विकसित करने की योजना को शामिल किया गया है. फिलहाल यह परियोजना शुरुआती योजना और विकास के चरण में है. शहरों के अंतिम मास्टर प्लान, जमीन से संबंधित प्रक्रियाओं और अन्य जरूरी औपचारिकताओं पर आगे निर्णय लिया जाना है
नए शहरों के विकास के साथ पानी की जरूरत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. इतनी बड़ी आबादी और औद्योगिक गतिविधियों वाले नए शहरी क्षेत्रों के लिए पर्याप्त जल स्रोत सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा. इसलिए परियोजना के आगे बढ़ने के साथ जल आपूर्ति के स्थायी इंतजाम पर भी विशेष ध्यान देना पड़ेगा
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सरकार ने वर्ष 2030 तक प्रदेश में 10 नई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) विकसित करने का लक्ष्य रखा है. इनमें से पांच परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की बात कही गई है. प्रस्तावित आईएमटी में से तीन केएमपी एक्सप्रेसवे से जुड़े क्षेत्रों में विकसित की जाएंगी. इसके अलावा गुरुग्राम-पंचगांव क्षेत्र में 35.25 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर की योजना भी सामने है. इस रूट पर 28 स्टेशन प्रस्तावित हैं. इससे भविष्य में विकसित होने वाले नए शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिल सकती है. कुल मिलाकर, केएमपी कॉरिडोर के आसपास प्रस्तावित शहरों, औद्योगिक टाउनशिप और मेट्रो कनेक्टिविटी की योजनाओं को हरियाणा के आगामी शहरी विस्तार के बड़े हिस्से के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक स्वरूप अंतिम मास्टर प्लान, भूमि प्रक्रिया, पानी की उपलब्धता और अन्य बुनियादी ढांचा संबंधी फैसलों के बाद ही स्पष्ट होगा
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Source: NewsNationTV







