आम आदमी पार्टी की ओर से मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बार-बार लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर इंडियान एक्सप्रेस की रिपोर्ट ने मुहर लगा दी…
आम आदमी पार्टी की ओर से मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बार-बार लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर इंडियान एक्सप्रेस की रिपोर्ट ने मुहर लगा दी है. रिपोर्ट में हुए चौकाने वाले खुलासे के बाद ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की बिना मंजूरी चल रही एसआईआर प्रक्रिया गैर कानूनी है. इस प्रक्रिया को रद्द कर तीन साल पुरानी वोटर लिस्ट को बहाल किया जाए. साथ ही, दिल्ली, बिहार समेत पिछले कुछ सालें में हुए राज्य विधानसभा चुनावों को रद्द कर दोबारा कराया जाए
बुधवार को “आप” मुख्यालय पर सांसद संजय सिंह और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ प्रेसवार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए, उन पर मुकदमा चलाया जाए और पिछले कुछ सालों में दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जितने चुनाव हुए हैं, ये सारे चुनाव रद्द करके दोबारा कराए जाएं
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इंडियन एक्सप्रेस की स्टोरी यह कहती है कि ज्ञानेश कुमार पिछले कुछ सालों से अकेले चुनाव आयोग चला रहे हैं. दोनों चुनाव आयुक्तों ने बार-बार लिखित शिकायत दी है कि चुनाव आयोग के आदेश और अधिकार के बिना, नीचे के अफसरों को आदेश दिए जा रहे हैं. 28 अक्टूबर 2025 को चुनाव आयुक्तों में से एक सुखबीर सिंह संधू ने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखी कि केंद्रीय चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना भारत के चुनाव आयोग के नाम पर पत्र और आदेश जारी किए जा रहे हैं. सुखबीर सिंह संधू मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिखते हैं कि चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना आदेश जारी किए जा रहे हैं
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि 16 अप्रैल 2026 को सुखबीर सिंह संधू फिर चिट्ठी लिखते हैं कि इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से संबंधित मॉड्यूल के बारे में उन्हें मीडिया से पता चला, और बिना चुनाव आयोग की मंजूरी के ये सारे आदेश जारी किए जा रहे हैं. 16 अप्रैल को सुखबीर सिंह संधू फिर लिखते हैं कि केंद्रीय चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना आधिकारिक पत्र जारी किए जा रहे हैं. 24 अप्रैल को चुनाव आयुक्त विवेक जोशी लिखते हैं कि केंद्रीय चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना आधिकारिक पत्र जारी किए जा रहे हैं
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरा एसआईआर प्रोसेस, जिसके जरिए 30 राज्यों के अंदर 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम डिलीट कर दिए गए, वह पूरा का पूरा एसआईआर प्रोसेस गैर-कानूनी है क्योंकि उसको चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर अप्रूव नहीं किया है. उसके तहत पारित किए गए सारे आदेश गैर-कानूनी हैं. उस पूरे एसआईआर प्रोसेस को रद्द किया जाए
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब वोटर लिस्ट ईआरओ या एसडीएम नहीं बना रहे, बल्कि चुनाव आयोग के दिल्ली स्थित ऑफिस से बन रही है, तो इसका मतलब यह है कि पूरे देश की वोटर लिस्ट खराब हो चुकी है. पिछले दो-तीन साल के अंदर वोटर लिस्ट में जितने भी बदलाव किए गए हैं, वे सारे बदलाव खारिज किए जाएं और दोबारा तीन साल पुरानी वोटर लिस्ट को बहाल किया जाए
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Source: NewsNationTV







