Skip to content
September 27, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
anya

बजट खर्च में तेजी लाए विभाग, अगले दो माह में 60% व्यय सुनिश्चित करें: सीएम योगी –

September 27, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट के प्रभावी और समयबद्ध उपयोग को लेकर अधिकारियों को खर्च की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट के प्रभावी और समयबद्ध उपयोग को लेकर अधिकारियों को खर्च की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो महीनों में कम से कम 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी हों और कुल आवंटित बजट के सापेक्ष 60 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की मौजूदगी में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सर्वाधिक बजट वाले 30 प्रमुख विभागों के बजट प्रावधानों, वित्तीय स्वीकृतियों और वास्तविक व्यय की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य केवल धनराशि आवंटित करना नहीं, बल्कि उसका समयबद्ध उपयोग कर योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाना है।मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री को निर्देश दिए कि विभागीय मंत्रियों के साथ बजट खर्च की नियमित और बिंदुवार समीक्षा की जाए। नीतिगत, प्रक्रियात्मक या तकनीकी कारणों से जहां वित्तीय स्वीकृतियों और व्यय में अड़चन आ रही है, उसका तत्काल समाधान कराया जाए।

वित्त विभाग को भी इसकी लगातार निगरानी कर मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रगति की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश का कुल बजट ₹9,99,056.48 करोड़ है। अब तक ₹5,15,918.44 करोड़ यानी 51.6 प्रतिशत की वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं। इसके सापेक्ष प्रदेश में ₹2,83,870.11 करोड़ का वास्तविक व्यय दर्ज किया गया है। विकास योजनाओं के लिए बजट में ₹5,01,957.09 करोड़ का प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री ने विभागों को निर्देश दिए कि उपलब्ध बजट का उपयोग वास्तविक जरूरत और व्यावहारिक उपयोगिता के आधार पर किया जाए। अनावश्यक रूप से बजट राशि प्राविधानित रखने के बजाय समय से योजनाओं पर खर्च सुनिश्चित किया जाए।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने के निर्देश दिए। इसके लिए गांववार और किसानवार मैपिंग कराने को कहा गया, ताकि पात्र किसानों की पहचान कर उन्हें बैंकिंग सुविधाओं का लाभ दिलाया जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ‘रूरल क्रेडिट कॉन्क्लेव’ जैसे आयोजनों की रूपरेखा तैयार करने के भी निर्देश दिए गए।मुख्यमंत्री ने एमएसएमई विभाग को उत्तर प्रदेश के जीआई टैग प्राप्त उत्पादों की ब्रांडिंग और व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को कहा। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों और शिल्प को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति के साथ काम किया जाए।केंद्र सहायतित योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने विभागीय मंत्रियों को संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से समन्वय कर लंबित धनराशि और स्वीकृतियों से जुड़े मामलों का समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सहायता से संचालित योजनाओं की गति किसी स्तर पर प्रभावित नहीं होनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों में अनावश्यक देरी या गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में जाकर विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।

div

Source: Filmitics

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *