मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 148 करोड़ रुपये से ज्यादा की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की…
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 148 करोड़ रुपये से ज्यादा की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि हस्तांतरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 11 विद्यार्थियों को अपने हाथों से छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र भी सौंपे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर पात्र विद्यार्थी तक समय से छात्रवृत्ति पहुंचाना है और धन की कमी के कारण किसी भी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2016-17 में अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति नहीं भेजी गई थी। योगी ने दावा किया कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति एक साथ भेजी गई। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में करीब 2,900 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती थी, जबकि अब सरकार करीब 6,200 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति के रूप में दे रही है।सीएम योगी ने कहा कि पिछले वर्ष करीब 69 लाख विद्यार्थियों को 6,200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई। पिछले नौ वर्षों में चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अनुसूचित जाति-जनजाति के 26.26 लाख विद्यार्थियों को 2,750 करोड़ रुपये, अल्पसंख्यक वर्ग के 5.89 लाख विद्यार्थियों को 360 करोड़ रुपये और पिछड़ा वर्ग के करीब 37 लाख विद्यार्थियों को 3,072 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण की समयसीमा भी तय की है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रवृत्ति की राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाती है और 2 अक्टूबर तथा 26 जनवरी तक पात्र विद्यार्थियों के खातों में राशि पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले छात्रवृत्ति हासिल करने के लिए विद्यार्थियों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई मामलों में बिचौलियों और कर्मचारियों की वजह से पात्र विद्यार्थियों तक पूरी राशि नहीं पहुंच पाती थी। अब तकनीक और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए छात्रवृत्ति सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।उन्होंने कहा कि पिछली बार विभिन्न कारणों से एससी-एसटी वर्ग के करीब चार लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी।
इसके बाद पोर्टल की कमियों को दूर कराया गया और अब इन वंचित विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। उन्होंने समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पात्र विद्यार्थियों को समय से राशि मिलती रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं और छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने घोषणा की कि अगले महीने 50 हजार मेधावी छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का भी उल्लेख किया। योगी ने कहा कि पहले जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रदेश के युवाओं को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के जरिए उन्हें प्रदेश में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा मिल रही है।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति की राशि का उपयोग शिक्षा के लिए करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति से अच्छी पाठ्य और रेफरेंस किताबें खरीदें। इसके साथ ही महापुरुषों की आत्मकथाएं, ज्ञानवर्धक और धार्मिक पुस्तकें पढ़कर अपना बुक बैंक तैयार करें। उन्होंने कहा कि सरकार दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने की दिशा में काम कर रही है और अब तक करीब 60 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं।
div
Source: Filmitics





