नवरात्र और दिवाली के त्योहारों के बीच उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए स्थानीय सफर आसान होने वाला है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज के बाद अब ‘भारत ट…
नवरात्र और दिवाली के त्योहारों के बीच उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए स्थानीय सफर आसान होने वाला है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज के बाद अब ‘भारत टैक्सी’ का नेटवर्क प्रदेश के दूसरे शहरों में तेजी से विस्तार करने की तैयारी में है। अगले एक महीने में 12 और शहरों को ऐप आधारित टैक्सी सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें अयोध्या, आगरा और मेरठ में नवरात्र से पहले सेवा शुरू करने की तैयारी है।
त्योहारी सीजन में मंदिरों, बाजारों, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर बढ़ने वाली आवाजाही को देखते हुए नए शहरों में ड्राइवर और वाहनों की ऑनबोर्डिंग का काम तेज किया गया है। इसके साथ ही ऐप आधारित परिवहन सेवा का दायरा बड़े शहरों से निकलकर छोटे शहरों तक पहुंचाने की तैयारी है।अयोध्या, आगरा और मेरठ के बाद मथुरा, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, हापुड़, सीतापुर, हाथरस, इटावा, मिर्जापुर और रायबरेली में भी भारत टैक्सी सेवा शुरू करने की तैयारी है। इन शहरों में ड्राइवरों और वाहनों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। लक्ष्य है कि करीब एक महीने के भीतर इन शहरों के लोगों को भी यह सुविधा उपलब्ध हो सके।धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले शहरों को विस्तार में खास तौर पर शामिल किया गया है।
अयोध्या और मथुरा में श्रद्धालुओं की आवाजाही, जबकि आगरा में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की बड़ी संख्या को देखते हुए इन शहरों में सेवा विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।भारत टैक्सी के नेटवर्क को केवल कार और टैक्सी तक सीमित नहीं रखा जाएगा। टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालकों को भी प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी है। इससे यात्रियों को छोटी दूरी के लिए बाइक और ऑटो जैसे विकल्प मिलेंगे, वहीं स्थानीय वाहन चालकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए यात्रियों तक पहुंचने का माध्यम मिलेगा।उत्तर प्रदेश में अब तक 50 हजार से अधिक चालक भारत टैक्सी से जुड़ चुके हैं। नए शहरों में ऑनबोर्डिंग शुरू होने के साथ इस संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। विस्तार के अगले चरण में स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक चालकों और वाहनों को नेटवर्क से जोड़ने पर जोर है।सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के मुताबिक अक्टूबर में नवरात्र और उसके बाद दिवाली के दौरान बाजारों, धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ती है। इसी को देखते हुए नए शहरों में भारत टैक्सी का नेटवर्क तैयार करने की प्रक्रिया तेज की गई है।योजना के तहत एक महीने में 12 और शहरों को भारत टैक्सी नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। इस विस्तार के बाद प्रदेश में ऐप आधारित स्थानीय परिवहन सेवा का दायरा कई और शहरों तक पहुंच जाएगा।
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Source: Filmitics







