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लखनऊ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में नगर निगम आयुक्त को तलब किया है। कोर्ट ने सुषमा हॉस्पिटल के पास स्थित स्ट्रीट वेंडर्स को स्थानांतरित करने के मामले में जवाब न देने पर यह कार्रवाई की है।
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न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने यह आदेश अनिल कुमार पांडेय और अन्य की याचिका पर दिया। कोर्ट ने 11 मार्च को स्ट्रीट वेंडर्स के वर्गीकरण और उनके पुनर्स्थापन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी मांगी थी। साथ ही राजधानी में वेंडिंग जोन की पहचान के बारे में भी पूछा था।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि नगर निगम ने सुषमा हॉस्पिटल के पास बने वेंडिंग जोन को अवैध तरीके से रद्द कर दिया। इस फैसले में टाउन वेंडिंग कमेटी का प्रस्ताव भी नहीं लिया गया। विक्रेताओं के पुनर्स्थापन की कोई व्यवस्था भी नहीं की गई।
कोर्ट ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे स्वयं उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करें। इस मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।




