लखनऊ BKT के भाजपा सरकार पुरानी व्यवस्थाओं को खत्म कर रही है पूर्व विधायक राजेंद्र यादव का बेटा ने हनी ने कहा कि यह दुग्ध मंडी सपा सरकार के दौरान बनाई गई थी, लेकिन अब बिना किसी पूर्व सूचना के मंडी परिषद के लोग इसे तोड़ने पहुंच गए।

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लखनऊ के सैरपुर इलाके में छठा मील चौराहे के पास स्थित एक पुरानी दुग्ध मंडी को हटाने मंगलवार को पहुंचे अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यापारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। टीन शेड हटाने की कोशिश के दौरान बड़ी संख्या में दुग्ध व्यापारी मौके पर जमा हो गए, जिसके बाद टीम को वापस लौटना पड़ा।

मंगलवार सुबह कुछ लोग मंडी परिसर में लगे टीन शेड को हटाने पहुंचे थे। इसकी सूचना मिलते ही दुग्ध व्यापारी साइकिलों से मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। विरोध बढ़ता देख टीन शेड हटाने आई टीम बिना कार्रवाई किए वापस लौट गई।

व्यापारियों का आरोप है कि मंडी परिषद इस 20 साल पुरानी दुग्ध मंडी को हटाकर वहां एक नया मार्केट बनाना चाहती है। उनका कहना है कि यह मंडी आसपास के कई परिवारों की आजीविका का साधन है। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर मंडी को हटने नहीं देंगे

दुग्ध मंडी हटाने का व्यापारियों ने कड़ा विरोध किया। इसके बाद टीम लौट गई।
दुग्ध मंडी हटाने का व्यापारियों ने कड़ा विरोध किया। इसके बाद टीम लौट गई।
मंडी हटाने की जानकारी होने पर सपाई भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी कार्रवाई का विरोध किया।
मंडी हटाने की जानकारी होने पर सपाई भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी कार्रवाई का विरोध किया।

सपाइयों ने कहा- मंडी हटी तो आंदोलन होगा

घटना की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी के कई कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। सपा नेताओं ने दावा किया कि यह मंडी उनकी सरकार के कार्यकाल में स्थापित की गई थी और अब इसे खत्म करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने व्यापारियों के समर्थन में आंदोलन की चेतावनी दी।

दुग्ध व्यापारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि मंडी तोड़ने की कार्रवाई दोबारा की गई तो बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। इस घटना के बाद इलाके में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।

बख्शी का तालाब नगर पंचायत चेयरमैन रमेश रावत ने दुग्ध मंडी को तोड़े जाने के प्रयास का विरोध किया। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि मंडी में लगे टीन शेड हटाए जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे, जहां पता चला कि मंडी परिषद के कुछ लोग मंडी को हटाकर वहां अन्य निर्माण कार्य कराना चाहते हैं।

रमेश रावत ने कहा कि यह मंडी सिर्फ स्थानीय व्यापारियों के लिए नहीं, बल्कि विभिन्न समुदायों और तीन जिलों से जुड़े दूध व्यवसायियों और किसानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां बड़े डेयरी संचालक भी दूध बेचने आते हैं और बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए इस मंडी पर निर्भर हैं।

चेयरमैन रमेश रावत ने कहा- यदि मंडी परिषद किसी अन्य निर्माण की योजना बना रही है तो नगर पंचायत वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराने को तैयार है, लेकिन मंडी नहीं हटने देंगे।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में इससे बेहतर कोई दूसरी दुग्ध मंडी नहीं है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में पर्याप्त खाली जमीन मौजूद है, जहां मार्केट या अन्य निर्माण कराया जा सकता है। चेयरमैन ने यह भी कहा कि उन्होंने मंडी सचिव से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर दुग्ध मंडी को टूटने नहीं दिया जाएगा। यदि मंडी को हटाने की कार्रवाई की गई तो व्यापारी और स्थानीय लोग अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगे।

भाजपा सरकार पुरानी व्यवस्थाओं को खत्म कर रही है

हनी ने कहा कि यह दुग्ध मंडी सपा सरकार के दौरान बनाई गई थी, लेकिन अब बिना किसी पूर्व सूचना के मंडी परिषद के लोग इसे तोड़ने पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब व्यापारियों ने अधिकारियों से कार्रवाई से जुड़े कागजात मांगे तो उन्होंने कहा कि “बैठकर बात कर लेंगे” और वहां से चले गए।

पूर्व सपा विधायक राजेंद्र यादव के बेटे शिवेंद्र यादव उर्फ हनी मौके पर पहुंचे और दुग्ध मंडी तोड़े जाने का विरोध किया।

उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पुरानी इस दुग्ध मंडी में तीन जिलों से व्यापारी रोजाना आते हैं और यह क्षेत्र के दुग्ध व्यापार का बड़ा केंद्र है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मंडी को तोड़ने की कोशिश की गई तो व्यापारी और स्थानीय लोग धरना-प्रदर्शन करेंगे। साथ ही सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार केवल पैसा उगाही करना चाहती है और पुरानी व्यवस्थाओं को खत्म कर रही है।

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