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ओई के टीले पर मिले कुषाण कलीन अवशेष

July 31, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

महराजगंज रायबरेली 

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के महराजगंज विकास खंड क्षेत्र स्थित ओई गांव में मिली रहस्यमयी सुरंग और प्राचीन अवशेषों की घटना को एक सप्ताह बीत चुका है। पिछले हफ्ते ओई गांव में बारिश के बाद अचानक जमीन धंस गई। जमीन धंसने से वहां एक रहस्यमयी सुरंग और पक्की दीवार जैसी संरचना दिखाई दी है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है मामला रायबरेली जिले के महराजगंज विकास खंड  क्षेत्र का है। यहां स्थित ओई गांव में एक निजी खेत के अंदर अचानक एक मीटर चौड़ा गड्ढा हो गया। जब लोगों ने पास जाकर देखा, तो वहां पक्की दीवार से बनी एक प्राचीन सुरंग जैसी आकृति नजर आई। इस अनोखी संरचना को देखने के लिए देखते ही देखते पूरे गांव की भीड़ जमा हो गई मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तुरंत एक्शन में आया। एसडीएम महराजगंज और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI लखनऊ मंडल की टीम मौके पर पहुंची। सहायक पुरातत्वविद डॉ. मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में टीम सीढ़ी के सहारे इस रहस्यमयी सुरंग के अंदर उतरी। सुरंग के अंदर जांच के दौरान पुरातत्व विभाग की टीम को कई ऐतिहासिक चीजें मिली हैं। यहां से प्राचीन काल की पुरानी ईंटें, मिट्टी की सुराही और एक हैंडल वाली धूपदानी बरामद की गई है। एक्सपर्ट्स के शुरुआती आकलन के मुताबिक, ये सभी अवशेष कुषाण कालीन बताए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, इस मामले में आज एक बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लखनऊ मंडल की टीम ने आज गांव के ही निवासी अशोक प्रताप मौर्य के घर पहुंचकर उनके पास मौजूद प्राचीन अवशेषों का बारीकी से निरीक्षण किया। गौरतलब है कि अशोक प्रताप मौर्य 1985 से इन ऐतिहासिक अवशेषों को सहेज कर रख रहे हैं। उनके दावे के अनुसार, यह ओई भीट पुरातत्व विभाग के अभिलेखों में दर्ज एक ऐतिहासिक स्थल है। 

 फिलहाल, सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और ग्रामीणों को गड्ढे के पास जाने से साफ मना किया गया है। एएसआई की विस्तृत वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस प्राचीन और ऐतिहासिक सुरंग का पूरा सच सामने आ सकेगा।

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