Agra News: UGC के नए नियमों को लेकर विरोध अब उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है। आगरा के एत्मादपुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने पहुंचे युवाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान एक पुलिस इंस्पेक्टर द्वारा युवाओं पर लाठियां चलाने का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गरमा गया।
घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया और तहसील परिसर में बैठकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित इंस्पेक्टर को निलंबित करने की मांग की। काफी देर तक चले हंगामे के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खोला गया।
बताया जा रहा है कि UGC के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज और क्षत्रिय संगठनों से जुड़े लोगों ने एत्मादपुर तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा था। खंदौली क्षेत्र से बड़ी संख्या में युवा बाइक रैली निकालकर तहसील मुख्यालय पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपना था। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, ज्ञापन सौंपने के दौरान भीड़ आगे बढ़ी और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसी दौरान क्राइम इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश के जमीन पर गिरने की बात सामने आई।
इसके बाद आरोप है कि इंस्पेक्टर ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलानी शुरू कर दीं। मौके पर मौजूद कुछ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास भी किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई।
हालांकि, घटना के पूरे क्रम और लाठीचार्ज की परिस्थितियों को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने आना अभी बाकी है।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। हाईवे पर बड़ी संख्या में वाहन रुक गए और यातायात प्रभावित हुआ।
प्रदर्शनकारी तहसील परिसर में भी धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की और संबंधित इंस्पेक्टर के निलंबन की मांग की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने तहसील परिसर में सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने का आरोप लगाया और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
काफी देर तक चले गतिरोध के बाद प्रदर्शनकारियों ने हाईवे से जाम हटाया। इसके बाद यातायात सामान्य कराया गया।
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल संबंधित पुलिसकर्मी पर संभावित कार्रवाई को लेकर है। प्रदर्शनकारियों ने इंस्पेक्टर के निलंबन की मांग की है। वहीं, पूरे घटनाक्रम में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद कैसे शुरू हुआ और लाठीचार्ज की आवश्यकता किन परिस्थितियों में बनी, इसकी निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यदि वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस कार्रवाई की जांच होती है, तो इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौके पर कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या थी और किस स्तर पर बल प्रयोग किया गया।
UGC के नियमों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध और समर्थन की बहस चल रही है। आगरा की घटना ने इस मुद्दे को कानून-व्यवस्था और प्रदर्शन के अधिकार से भी जोड़ दिया है।
अब निगाह इस बात पर है कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए पुलिस कार्रवाई के आरोपों की जांच किस स्तर पर होती है।
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Source: Filmitics

