भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले के शंकरपुर में गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को रेलवे लाइन के पास स्थ…
भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले के शंकरपुर में गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को रेलवे लाइन के पास स्थित चैती दुर्गा मंदिर और बजरंगबली मंदिर गंगा की तेज धारा में समा गए, दोनों धार्मिक स्थलों के नदी में विलीन होने के बाद इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है, स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कई दिनों से गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ शंकरपुर में कटाव लगातार तेज हो रहा था। नदी किनारे की जमीन धीरे-धीरे खिसक रही थी, इसी कटाव की चपेट में रेलवे लाइन के पास स्थित दोनों मंदिर भी आ गए और देखते ही देखते गंगा में विलीन हो गए।
ग्रामीणों का कहना है कि कटाव की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला, रेलवे लाइन के समीप स्थित दोनों मंदिर लगातार कमजोर हो रही जमीन के साथ नदी की ओर खिसकते गए और आखिरकार गंगा की तेज धारा में समा गए, धार्मिक स्थलों के नदी में समाने की घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। अब ग्रामीणों को अपने घरों और परिवार की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
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कटाव बढ़ने के बाद कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं, ग्रामीण ट्रैक्टर, ऑटो, टोटो और ई-रिक्शा की मदद से बर्तन, कपड़े, अनाज और अन्य घरेलू सामान सुरक्षित जगह पहुंचा रहे हैं, कई परिवारों में महिलाओं और बच्चों को पहले सुरक्षित स्थानों पर भेजने की कोशिश की जा रही है, ग्रामीणों को आशंका है कि अगर गंगा के कटाव की रफ्तार कम नहीं हुई तो आने वाले समय में कई और घर इसकी चपेट में आ सकते हैं।
शंकरपुर में बढ़ते कटाव ने रेलवे लाइन को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, गंगा की धारा लगातार अपना रुख बदल रही है और कटाव का दायरा बढ़ता जा रहा है, रेलवे लाइन के आसपास कटाव बढ़ने से ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते बचाव कार्य नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है, लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र में तत्काल प्रभावी कटावरोधी और राहत कार्य शुरू करने की मांग की है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाके को जल्द खाली कराने का आदेश दिया है, लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है, प्रशासन की ओर से इलाके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और राहत एवं बचाव व्यवस्था को लेकर भी सक्रियता बढ़ाई गई है, प्रभावित लोगों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती अपने परिवार और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना है।
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गंगा के बढ़ते जलस्तर और लगातार जारी कटाव के बीच शंकरपुर के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मंदिरों के नदी में समाने के बाद लोगों में यह डर और गहरा गया है कि कहीं कटाव उनके घरों तक न पहुंच जाए, ग्रामीणों की नजर अब गंगा के जलस्तर और कटाव की स्थिति पर टिकी है, आने वाले कुछ घंटे यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि कटाव की रफ्तार कम होती है या शंकरपुर के और इलाकों पर इसका खतरा बढ़ता है।
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Source: Filmitics

