Skip to content
September 6, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
rajneeti

Gen-Z आंदोलन पर मायावती का बड़ा बयान, बोलीं- ‘राजनीतिक दलों ने युवाओं के प्रदर्शन को हाइजैक किया’ –

September 6, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने Gen-Z युवाओं, छात्रों और बेरोजगारों से जुड़े आंदोलनों को लेकर चिंता जताई है, उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल ऐसे आ…

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने Gen-Z युवाओं, छात्रों और बेरोजगारों से जुड़े आंदोलनों को लेकर चिंता जताई है, उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल ऐसे आंदोलनों को अपने हित में इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे युवाओं और छात्रों के बीच गंभीर संदेह की स्थिति पैदा हुई है, मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दों से जुड़ा CJP का Gen-Z आंदोलन अब पूरी तरह स्वतंत्र नहीं रह गया है और धीरे-धीरे राजनीतिक स्वरूप लेता जा रहा है।

मायावती के मुताबिक, देश में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जिनके चलते लोगों को यह मानने का आधार मिला है कि युवाओं, छात्रों और बेरोजगारों के ज्वलंत मुद्दों से जुड़ा आंदोलन अब राजनीतिक प्रभाव में आ गया है, उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान युवाओं और छात्रों को बड़े सपने दिखाए गए थे, लेकिन अब वे गंभीर संदेह के दौर से गुजर रहे हैं, मायावती ने आरोप लगाया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों ने कथित तौर पर ऐसे आंदोलनों को अपने कब्जे में ले लिया है हालांकि, BSP प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा Gen-Z और Gen-Alpha की जायज मांगों के प्रति सहानुभूति रखती रही है और युवाओं की समस्याओं को लेकर गंभीर है।

1. देश में एक नहीं बल्कि अनेकों ऐसे उदाहरण हैं जिससे लोगों को यह लग रहा है कि सीजेपी का जेन-जी (Gen-Z) अर्थात देश के युवाओं और बेरोज़गारों आदि की ज्वलन्त समस्याओं को लेकर इनका यह आन्दोलन विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा हाईजैक कर लेने से युवाओं व छात्रों आदि को जंतर मंतर आन्दोलन…

मायावती ने बताया कि BSP की सभी राज्य इकाइयों को अपने-अपने राज्यों और क्षेत्रों में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है, उन्होंने कहा कि पार्टी युवाओं की समस्याओं के शांतिपूर्ण समाधान में मदद करने के लिए अपनी भूमिका निभाएगी। साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील की।

मायावती ने BSP कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे पार्टी अनुशासन के अनुसार धरने, प्रदर्शन या आंदोलनों में शामिल न हों, उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनावों के लिए अपनी शारीरिक, मानसिक और आर्थिक ताकत एवं ऊर्जा बचाकर रखने की अपील की, BSP प्रमुख ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित सरकार बनाना है, उनका कहना है कि ऐसी सरकार Gen-Z, Gen-Alpha समेत समाज के सभी वर्गों की समस्याओं का स्थायी समाधान देगी, मायावती ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में BSP की चार बार की सरकारों के दौरान पार्टी ने इस सोच को काम के जरिए साबित किया है।

मायावती ने Gen-Z आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर एक नाबालिग के पिता के साथ कथित मारपीट की घटना पर भी प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने समय रहते उचित कार्रवाई की होती तो ऐसी गंभीर घटना को टाला जा सकता था, उन्होंने मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की और कहा कि जरूरत पड़ने पर BSP ऐसे मामलों में अपनी आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेगी।

यह मामला एक नाबालिग एक्टिविस्ट के पिता के साथ कथित मारपीट से जुड़ा बताया जा रहा है, मामले में हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज पर उन्हें घायल करने का आरोप लगा था और उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी, मामले से जुड़े आरोपों और गिरफ्तारी के संबंध में पुलिस तथा संबंधित पक्षों की आधिकारिक जानकारी के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी फिलहाल, Gen-Z युवाओं के आंदोलनों को लेकर मायावती के बयान ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है, BSP प्रमुख ने एक तरफ युवाओं की जायज मांगों के प्रति समर्थन जताया है, वहीं राजनीतिक दलों द्वारा ऐसे आंदोलनों के कथित इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।

div

Source: Filmitics

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *