जेन-जी आंदोलन से जुड़े विवाद के बीच दलित छात्रा निशु आजाद ने अब अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर पुलिस से गुहार लगाई है। निशु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ए…
जेन-जी आंदोलन से जुड़े विवाद के बीच दलित छात्रा निशु आजाद ने अब अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर पुलिस से गुहार लगाई है। निशु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और कुछ लोग उनके घर के बाहर खड़े होकर उन्हें उकसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए जरूरी सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
निशु आजाद ने वीडियो में आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके घर के सामने खड़े होकर कथित तौर पर चिल्ला रहे थे और खुद को बीजेपी समर्थक तथा आरएसएस से जुड़ा हुआ बता रहे थे। निशु के मुताबिक, इन लोगों ने कथित तौर पर यह भी कहा कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों को यह जानकारी हो गई थी कि वह इसी स्थान पर रहती हैं।
वीडियो में निशु आजाद ने अपने माता-पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि अगर स्थिति आगे बढ़ती है तो उनके घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा सकती है। निशु ने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में उनके परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी।
अपने एक्स पोस्ट के कैप्शन में निशु ने पुलिस अधिकारियों से सम्मानपूर्वक अनुरोध किया कि उन्हें आवश्यक सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर वास्तविक चिंता है और मामले में पुलिस की त्वरित मदद की जरूरत है।
निशु आजाद से जुड़ा यह विवाद जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान उनके पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले के बाद चर्चा में आया। इस बीच आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के एक कथित साक्षात्कार की क्लिप भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसमें भारद्वाज को कथित तौर पर यह कहते हुए देखा गया कि प्रदर्शन के दौरान उसने निशु आजाद के पिता संजय कुमार की “खोपड़ी फोड़ दी”।
इस वायरल वीडियो के आधार पर मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी सवाल उठे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले की पूरी कानूनी स्थिति को संबंधित जांच के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
इस मामले में दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने भी निशु आजाद और उनके पिता के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। लाकड़ा के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के साथ हत्या के प्रयास से संबंधित धारा भी जोड़ी है।इस दौरान कांग्रेस के विधि विभाग से जुड़े ऋषभ रंजन भी मौजूद रहे। दोनों ने थाना प्रभारी से मुलाकात कर मामले में जल्द और सख्त कार्रवाई की मांग की।अब निशु आजाद की ओर से सुरक्षा की मांग किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस के सामने एक तरफ कथित मारपीट की जांच का सवाल है, वहीं दूसरी तरफ निशु और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर लगाए गए आरोप भी गंभीर हैं। ऐसे में मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
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Source: Filmitics

