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September 6, 2026
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चित्रकूट बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सीएम योगी, बोले”संकट की घड़ी में सरकार आपके साथ खड़ी है” –

September 6, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चित्रकूट पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्…

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चित्रकूट पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया और रामघाट समेत आसपास के इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान बाढ़ में बेघर हुए परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाणपत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि भी प्रदान की गई।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले बाढ़ आने पर तत्कालीन सरकार इसका संज्ञान तक नहीं लेती थी। काफी हो-हल्ला होने के बाद प्रभावित लोगों को सिर्फ सूखी ब्रेड उपलब्ध करा दी जाती थी। राहत के लिए आने वाला पैसा भी सपाई गुंडे खाकर हजम कर जाते थे और गरीब, कमजोर एवं वंचित लोगों को कुछ नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि पहले जहां बाढ़ प्रभावित परिवारों को एक किलो राहत सामग्री तक नहीं मिलती थी, वहीं आज सरकार प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को करीब 50 किलो की राहत सामग्री उपलब्ध करा रही है। इसमें खाद्य सामग्री के साथ जरूरत की अन्य वस्तुएं भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि जब प्रभु श्रीराम को वनवास मिला था, तब चित्रकूट ने उन्हें आश्रय दिया था। आज जब चित्रकूटवासी संकट की घड़ी से गुजर रहे हैं तो प्रभु श्रीराम के भक्त होने के नाते वह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में बाढ़ प्रभावित परिवार खुद को अकेला न समझें। डबल इंजन की सरकार और भाजपा के कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं। गरीबों, किसानों, नौजवानों, महिलाओं, व्यापारियों और साधु-संतों को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से जिसका भी नुकसान हुआ है, सरकार उसे हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।सीएम योगी ने बताया कि जिस समय चित्रकूट में अचानक बाढ़ आई, उस समय वह बलिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर थे। चित्रकूट में बाढ़ की जानकारी मिलते ही उन्होंने लखनऊ से डीजी पीएसी को निर्देश देकर एसडीआरएफ और पीएसी की अतिरिक्त फ्लड कंट्रोल कंपनियों को तत्काल रवाना करने को कहा। मुख्यमंत्री के मुताबिक उस समय चित्रकूट में एसडीआरएफ की केवल एक कंपनी तैनात थी, लेकिन अगले दो से तीन घंटे के भीतर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पीएसी फ्लड यूनिट की कुल आठ कंपनियां राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।

इसके साथ ही जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ में घरों में फंसे सभी लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और राहत शिविरों में भोजन, चिकित्सा, सुरक्षा समेत सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट में पहली बार मंदाकिनी नदी में इतने बड़े स्तर पर जलस्तर बढ़ा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष क्षेत्र में करीब 360 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जबकि इस बार बारिश का स्तर लगभग दोगुना पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की ओर जाने वाला भारी वाहनों का पक्का पुल तक बाढ़ में बह गया। जब इतना मजबूत पुल बाढ़ के पानी में बह सकता है तो सामान्य घरों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की भयावहता को देखते हुए प्रशासन के साथ विस्तृत बैठक कर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।सीएम योगी ने नदी के कैचमेंट क्षेत्र में अनियोजित निर्माण को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नदियों के स्वाभाविक प्रवाह के क्षेत्र में अतिक्रमण और निर्माण से आपदा का खतरा बढ़ जाता है। नदी जब अपने स्वाभाविक स्वरूप में बहती है तो उसके दायरे में आने वाले अतिक्रमण और निर्माण को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि कैचमेंट क्षेत्र में अनियोजित निर्माण से बचना होगा और नदी के स्वाभाविक प्रवाह के लिए पर्याप्त मार्ग सुनिश्चित करना होगा।मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 में बाढ़ राहत कार्यों के निरीक्षण से जुड़ा एक प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय अधिकारियों से पूछा गया था कि बाढ़ पीड़ितों को क्या राहत दी जा रही है। अधिकारियों ने जवाब दिया कि प्रभावित लोगों को सूखी ब्रेड दी जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया था कि यदि आपको लगातार 10 दिन तक सिर्फ सूखी ब्रेड खाने को दी जाए तो क्या आप रह पाएंगे। जब आप नहीं रह सकते तो हमारी जनता क्यों रहेगी। इसके बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पूरी राहत सामग्री की किट तैयार करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में बाढ़ प्रभावित परिवारों को दी जा रही राहत सामग्री में करीब 26 तरह के जरूरी सामान शामिल हैं। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर की दाल, एक लीटर रिफाइंड या सरसों का तेल, चना, लाई, मिर्च, मसाला, धनिया और हल्दी समेत अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। इसके अलावा प्रभावित परिवारों को डिग्निटी किट भी दी जाती है, जिसमें बाल्टी, मग, ढक्कनयुक्त बाल्टी और बरसाती जैसी जरूरी वस्तुएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक पूरी राहत सामग्री का वजन करीब 50 किलो है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आपदा राहत के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली धनराशि बिना भेदभाव के वास्तविक पीड़ित परिवारों तक पहुंचाई जा रही है। बाढ़ के बाद बढ़ने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण सांप, बिच्छू और अन्य जंगली जीव बाहर निकल सकते हैं। इसलिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सांप के काटने पर एंटी-स्नेक वेनम और कुत्ते या जंगली जानवर के काटने पर एंटी-रेबीज वैक्सीन तत्काल और नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि डूबने, आकाशीय बिजली गिरने या वन्यजीव के हमले से किसी व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में संबंधित परिवार को आपदा राहत के तहत 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार चित्रकूट दौरे के दौरान उन्होंने करीब 1,000 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी थी। अब बाढ़ की इस आपदा से चित्रकूट को उबारने के लिए भी सरकार हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। इसके अलावा क्षतिग्रस्त सड़कों, घाटों, बिजली के तारों और खंभों को दोबारा दुरुस्त करने के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों, व्यापारियों, मठ-मंदिरों और घाटों को हुए नुकसान का भी आकलन कराया जाएगा और नियमानुसार सरकार की ओर से हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ या अग्निकांड में किसी गरीब अथवा अन्य पात्र व्यक्ति का पूरा घर नष्ट हो जाता है तो उसे पात्रता के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया आवास उपलब्ध कराया जाएगा। यदि कोई परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र नहीं है तो मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास और जमीन का पट्टा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और नुकसान की भरपाई के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, नगरपालिका परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटारे, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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Source: Filmitics

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