ओवैसी यूपी में उतर रहे हैं…लेकिन सवाल सिर्फ बीजेपी को रोकने का नहीं है।निशाना कहीं और भी है… और वो है समाजवादी पार्टी का सबसे मजबूत वोट बैंक! 20 सितंबर से असदु…
ओवैसी यूपी में उतर रहे हैं…लेकिन सवाल सिर्फ बीजेपी को रोकने का नहीं है।निशाना कहीं और भी है… और वो है समाजवादी पार्टी का सबसे मजबूत वोट बैंक! 20 सितंबर से असदुद्दीन ओवैसी का यूपी दौरा शुरू होगा कानपुर से एंट्री, फिर श्रावस्ती, आजमगढ़ और उसके बाद पश्चिमी यूपी का दौरा।
यानी ओवैसी की नजर उन इलाकों पर है, जहां मुस्लिम वोट चुनावी नतीजों की दिशा बदलने की ताकत रखता है।लेकिन असली ट्विस्ट अब सामने आया है…AIMIM कह रही है कि उसका मुख्य मुकाबला बीजेपी से है… तो फिर सपा पर इतना सीधा हमला क्यों?क्या 2027 में ओवैसी बीजेपी के खिलाफ लड़ते-लड़ते अखिलेश यादव की सियासी जमीन भी खिसकाने की तैयारी कर रहे हैं,,,,और अगर मुस्लिम वोट बंटा… तो फायदा किसका होगा?क्या ओवैसी यूपी में तीसरी ताकत बनने आ रहे हैं… या 2027 के चुनाव में पूरा खेल ही बदलने वाला है?
AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता शादाब चौहान के मुताबिक ओवैसी 20 सितंबर को कानपुर से अपने दौरे की शुरुआत करेंगे। इसके बाद श्रावस्ती, आजमगढ़ और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में जनसंपर्क कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।पार्टी का दावा है कि उसका लक्ष्य बीजेपी को हराना है और योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने से रोकना है। लेकिन सियासी हमला सपा पर भी तेज है। शादाब चौहान ने आरोप लगाया कि सपा मुस्लिम वोटों का इस्तेमाल करती है और AIMIM अब अपना राजनीतिक आधार मजबूत करेगी।यानी लड़ाई सिर्फ बीजेपी बनाम विपक्ष नहीं… मुस्लिम वोटों की सियासत में भी नया खिलाड़ी उतर चुका है। सहारनपुर मस्जिद मामले को लेकर AIMIM ने सपा और बीजेपी की कथित मिलीभगत पर भी सवाल उठाए हैं हालांकि ये पार्टी के आरोप हैं।अब बड़ा सवाल क्या ओवैसी की यूपी में सक्रियता सपा के वोट समीकरण को चुनौती देगी? AIMIM किन सीटों पर उतरेगी और कितना असर डालेगी? 2027 से पहले इन सवालों के जवाब यूपी की सियासत की दिशा तय कर सकते हैं।
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Source: Filmitics

