फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्माता, निर्देशक और प्रमुख कलाकारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान फिल्म के कुछ विशेष अंश मुख्यमंत…
फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्माता, निर्देशक और प्रमुख कलाकारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान फिल्म के कुछ विशेष अंश मुख्यमंत्री को दिखाए गए। इनमें नीब करोरी बाबा की आध्यात्मिक यात्रा के साथ गुरु गोरक्षनाथ की पंक्तियों से जुड़ा प्रसंग भी शामिल था।
मुख्यमंत्री योगी ने फिल्म की विषयवस्तु और टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।करीब दो करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म के निर्देशक और निर्माता विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि ‘हनुमान अंश’ में नीब करोरी बाबा के घर छोड़कर ईश्वर की खोज में निकलने की यात्रा को केंद्र में रखा गया है। उन्होंने कहा कि बचपन में मां के निधन के बाद लक्ष्मी नारायण शर्मा, जो आगे चलकर नीब करोरी बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए, आध्यात्मिक खोज के दौरान नाथ संप्रदाय के संतों के संपर्क में आए और संन्यास से पहले उनके साथ समय बिताया।
विशाल चतुर्वेदी के मुताबिक, इसी आध्यात्मिक यात्रा के संदर्भ में फिल्म में गुरु गोरक्षनाथ की पंक्तियों का इस्तेमाल किया गया है। फिल्म में नीब करोरी बाबा की आध्यात्मिक साधना, कुंडलिनी जागरण, अन्नपूर्णा से जुड़े प्रसंगों और उनकी सिद्धियों से संबंधित घटनाओं को भी दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी स्वयं संत परंपरा से जुड़े हैं, इसलिए टीम ने उन्हें फिल्म का वह हिस्सा विशेष रूप से दिखाया, जो भारतीय सभ्यता और आध्यात्मिक परंपरा से संबंधित है।
फिल्म में नीब करोरी बाबा की भूमिका निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्या ने मुख्यमंत्री से मुलाकात को सुखद अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि टीम को मुख्यमंत्री का आशीर्वाद और प्रोत्साहन मिला, जिसके लिए पूरी टीम आभारी है।विशाल चतुर्वेदी ने उत्तर प्रदेश को फिल्म निर्माण के लिए संभावनाओं से भरा प्रदेश बताते हुए कहा कि नोएडा में बन रही फिल्म सिटी के साथ वाराणसी, चित्रकूट, मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज और आगरा जैसी जगहों पर शूटिंग के लिए बेहतरीन लोकेशन मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि उनका प्रोडक्शन हाउस भी उत्तर प्रदेश में पंजीकृत है और फिल्म के अधिकांश कलाकार उत्तर व मध्य भारत से जुड़े हैं।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश से जुड़े विषयों और यहां की कहानियों को फिल्मों के जरिए सामने लाने पर जोर रहेगा। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में टैलेंट हंट आयोजित कर स्थानीय और थिएटर कलाकारों को फिल्मों में अवसर दिया जाएगा। टीम का उद्देश्य यूपी और आसपास के क्षेत्रों की प्रतिभाओं को फिल्म निर्माण से जोड़ना और उन्हें बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने का मौका देना है।
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Source: Filmitics







