फिल्म और वेब सीरीज में ऐतिहासिक चरित्रों और विरासत के चित्रण को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं, अब वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ के ‘शूरवीर’ गाने को लेकर राजस…
फिल्म और वेब सीरीज में ऐतिहासिक चरित्रों और विरासत के चित्रण को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं, अब वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ के ‘शूरवीर’ गाने को लेकर राजस्थान के बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने आपत्ति जताई है, उन्होंने आरोप लगाया है कि महाराणा प्रताप जैसे ऐतिहासिक नायक से जुड़े संदर्भों का इस्तेमाल ऐसे दृश्यों के साथ किया गया है, जिनमें कथित तौर पर अश्लील भाषा और अनैतिक गतिविधियों को दिखाया गया है, राजेंद्र राठौड़ ने इस मामले को लेकर सेंसर बोर्ड को पत्र लिखकर आपत्तिजनक दृश्य हटाने की मांग की है, साथ ही उन्होंने कहा है कि अगर संबंधित दृश्यों को नहीं हटाया जाता है तो फिल्म/कंटेंट पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जाना चाहिए।
राजेंद्र राठौड़ का आरोप है कि ‘मिर्जापुर’ में मुन्ना त्रिपाठी और गुड्डू भैया जैसे किरदारों को महिलाओं के बारे में अश्लील बातें करते और अनैतिक गतिविधियों में लिप्त दिखाया गया है, उनका कहना है कि ऐसे दृश्यों के बीच महाराणा प्रताप, उनके घोड़े चेतक और हल्दीघाटी के युद्ध से जुड़े संदर्भों का इस्तेमाल आपत्तिजनक है, उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक नायकों से जुड़े प्रतीकों और संदर्भों का इस्तेमाल किसी ऐसे दृश्य या कहानी के साथ नहीं किया जाना चाहिए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान प्रभावित हो, राजेंद्र राठौड़ ने इस तरह के फिल्मांकन को निंदनीय बताते हुए कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों और देश की विरासत के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जा सकती।
बीजेपी नेता ने अपने बयान में अभिनेत्री सौरभ भास्कर से जुड़े पुराने विवाद का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पद्मिनी के जौहर को लेकर पहले भी आपत्तिजनक टिप्पणियां सामने आ चुकी हैं, उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों और घटनाओं को लेकर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी या प्रस्तुति समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाओं को प्रभावित कर सकती है हालांकि, अलग-अलग मामलों और बयानों को लेकर संबंधित पक्षों का पक्ष जानना भी जरूरी है, राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि देश आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक के दौर में है, उनके मुताबिक तकनीक और मनोरंजन के नाम पर ऐतिहासिक विरासत को विकृत करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी महत्वपूर्ण है, लेकिन उसके नाम पर इतिहास और राष्ट्रीय विरासत के साथ छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जा सकती, उन्होंने ‘शूरवीर’ गाने के संदर्भ में कथित तौर पर दिखाए गए गैंगवार के दृश्यों और इस्तेमाल की गई भाषा पर भी सवाल उठाए, उनका कहना है कि महाराणा प्रताप से जुड़े संदर्भों के साथ इस तरह के दृश्यों को जोड़ना लोगों की भावनाओं को आहत कर सकता है।
राजेंद्र राठौड़ ने अपने विरोध को किसी जातीय पहचान से जोड़ने से इनकार किया, उन्होंने कहा कि वह केवल इसलिए विरोध नहीं कर रहे हैं क्योंकि वह क्षत्रिय हैं, बल्कि इसलिए आवाज उठा रहे हैं क्योंकि वह खुद को देशभक्त मानते हैं, उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप देश के महान नायकों में शामिल हैं और देश-दुनिया के लोग उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं, राठौड़ के मुताबिक महाराणा प्रताप के जीवन और संघर्ष से आज की युवा पीढ़ी को नैतिकता, स्वाभिमान और राष्ट्रवाद की प्रेरणा मिलती है, ऐसे में उनके ऐतिहासिक संदर्भों का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाना चाहिए।
राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर सेंसर बोर्ड को पत्र लिखा है, पत्र के जरिए उन्होंने कथित तौर पर आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने की मांग की है, उन्होंने कहा कि अगर इन दृश्यों को नहीं हटाया जाता है तो संबंधित कंटेंट पर प्रतिबंध लगाने की मांग पर विचार किया जाना चाहिए, राठौड़ ने युवाओं और आम लोगों से भी अपील की कि वे अपनी ऐतिहासिक विरासत और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आएं, बीजेपी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विरासत और विकास’ से जुड़े विचारों का हवाला देते हुए कहा कि देश के विकास के साथ अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना भी जरूरी है, उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक नायकों के सम्मान और उनकी विरासत को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी केवल सरकार या किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की है, अब इस पूरे विवाद में नजर सेंसर बोर्ड और संबंधित निर्माताओं की प्रतिक्रिया पर रहेगी। यदि इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या निर्णय सामने आता है, तो उससे विवाद की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।
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Source: Filmitics







