प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता…
प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता एवं रायबरेली के सांसद राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि रायबरेली की दिशा बैठक में राहुल गांधी का जोर जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें गति देने के बजाय ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं में खामियां तलाश कर राजनीति करने पर अधिक रहा। मंत्री ने कहा कि बैठक में राहुल गांधी के रवैये से निराशा हुई।
राज्यमंत्री ने कहा कि दिशा बैठक में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम की चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने संबंधित अधिकारी से पूछा कि इस योजना में क्या होता है। यदि दिशा समिति के अध्यक्ष को ही योजना की जानकारी नहीं होगी तो उसका अनुश्रवण और समन्वय कैसे होगा। इसके बाद राहुल गांधी ने योजना के प्रचार-प्रसार पर होने वाले खर्च को जानने पर अधिक जोर दिया। इससे ऐसा लगा कि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के बजाय उसमें खामी तलाशना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों और मातृशक्ति के सम्मान से जुड़ा अभियान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।
दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी के ‘डरो मत’ संदेश पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि रायबरेली में उन्होंने सांसद निधि से कराए गए कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास अपने निजी आवास के भीतर से किया, जबकि बाहर के गेट पर ताला लगा रहा। मीडिया प्रतिनिधि सुबह से इंतजार करते रहे, लेकिन राहुल गांधी कैमरे के सामने आकर रायबरेली की जनता को शुभकामनाएं तक नहीं दे सके। राहुल को तीन लोग पीछे बैठकर पर्चियों के माध्यम से निर्देश देते रहेराज्यमंत्री ने कटाक्ष किया कि रायबरेली की दिशा बैठक में भी राहुल गांधी सांसद और समिति अध्यक्ष से ज्यादा नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में नजर आए। उनके साथ दिल्ली से आए तीन लोग पीछे बैठकर पर्चियों के माध्यम से निर्देश देते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में भी राहुल गांधी दूसरे दलों के सहयोग पर निर्भर दिखाई देते हैं।
div
Source: Filmitics







