डेयरी उद्यमिता योजना से जुड़कर जर्दा के राकेश पटेल ने बनाया सफल डेयरी फार्म
42 किसान परिवारों से प्रतिदिन 300 लीटर दूध एकत्र करते हैं
16 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है
सरकारी योजनाएं, विभागीय मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई नींव प्रदान करती है
रायपुर, सितम्बर 2026: सरकारी योजनाएं छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नये अवसर पैदा कर रही हैं। रायगढ़ जिले के जर्दा गांव के निवासी राकेश पटेल की डेयरी उद्यमिता यात्रा इस परिवर्तन का वास्तविक उदाहरण है
कभी महज 1200 रुपये की पूंजी और एक गाय से दूध बेचने की शुरुआत करने वाले राकेश पटेल आज 117 जानवरों के साथ डेयरी फार्म चला रहे हैं। उनकी डेयरी ने न केवल अपने स्वयं के व्यवसाय का विस्तार किया है, बल्कि आसपास के 42 किसान परिवारों को अपना दूध बेचने का नियमित अवसर भी प्रदान किया है और गांव के 16 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार पैदा किया है।
साइकिल पर घर-घर दूध पहुंचाने से लेकर…
राकेश पटेल ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में एक ही जानवर से दूध उत्पादन शुरू किया। वह अपनी आजीविका कमाने के लिए हर दिन साइकिल पर लगभग चार लीटर दूध घर-घर पहुंचाते थे
सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने कड़ी मेहनत करना जारी रखा और अपनी गतिविधियों का विस्तार करने के लिए निरंतर प्रयास किए। पशुपालन विभाग से मिले मार्गदर्शन के साथ-साथ सरकारी योजनाओं से मिले सहयोग ने उनके डेयरी व्यवसाय को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
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Source: Maverick News30







