लखनऊ, 18 सितंबर। उत्तर प्रदेश में महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए योगी सरकार ‘सारथी दीदी’ सेवा को विस्तार देने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत…
लखनऊ, 18 सितंबर। उत्तर प्रदेश में महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए योगी सरकार ‘सारथी दीदी’ सेवा को विस्तार देने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रस्तावित व्यवस्था में महिला यात्रियों को महिला ड्राइवर का विकल्प देने के साथ ही यात्रा के दौरान 24×7 सुरक्षा निगरानी का तंत्र विकसित किया जाएगा। आपात स्थिति में SOS बटन, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और पुलिस सहायता के लिए तत्काल समन्वय जैसी सुविधाओं को इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।‘सारथी दीदी’ के तहत महिलाओं को ई-रिक्शा, दोपहिया और कैब चलाने का विशेष प्रशिक्षण देकर परिवहन सेवा से जोड़ने की योजना है।
इससे महिला यात्रियों को महिला चालक का विकल्प मिलेगा, वहीं महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी तैयार होंगे।महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित व्यवस्था में 24 घंटे मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यात्रा के दौरान किसी आपात स्थिति में SOS बटन के जरिए मदद मांगी जा सकेगी। जरूरत पड़ने पर कंट्रोल रूम पुलिस के साथ तत्काल समन्वय कर सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा। लाइव लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए यात्रा के दौरान वाहन की स्थिति पर भी नजर रखने की व्यवस्था होगी।‘सारथी दीदी’ का उद्देश्य केवल महिला यात्रियों को सुविधा देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को चालक के रूप में तैयार कर उन्हें परिवहन क्षेत्र में रोजगार से जोड़ना भी है। इसके लिए महिलाओं को ई-रिक्शा, दोपहिया और कैब चलाने का विशेष प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है। इस तरह महिलाएं सुरक्षित यात्रा की लाभार्थी होने के साथ सेवा प्रदाता के रूप में भी आर्थिक गतिविधि से जुड़ सकेंगी।
योगी सरकार भारत टैक्सी मॉडल को शहरों तक सीमित रखने के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों यानी PACS को जोड़कर गांवों में राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं के विस्तार की योजना बनाई जा रही है। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार, अस्पताल, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन और नजदीकी शहरों तक आने-जाने के लिए डिजिटल माध्यम से वाहन सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।PACS का नेटवर्क अब तक मुख्य रूप से ग्रामीण ऋण और कृषि से जुड़ी गतिविधियों में इस्तेमाल होता रहा है। अब इसे राइड-हेलिंग और डिलीवरी जैसी सेवाओं से जोड़ने की तैयारी है। इससे सहकारी नेटवर्क का इस्तेमाल ग्रामीण मोबिलिटी और डिजिटल सेवाओं को बढ़ाने के लिए किया जा सकेगा।‘सारथी दीदी’ के जरिए महिला सुरक्षा, महिला रोजगार और ग्रामीण कनेक्टिविटी को एक साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। महिला यात्रियों को महिला चालक का विकल्प मिलने के साथ आपात स्थिति में SOS और मॉनिटरिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, जबकि प्रशिक्षण के जरिए महिलाओं के लिए परिवहन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। शहर से गांव तक भारत टैक्सी मॉडल के विस्तार के साथ डिजिटल परिवहन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में भी यह पहल अहम मानी जा रही है।
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Source: Filmitics







