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div class=”f46ba790″पुलिस हिरासत में शातिर ठग संजय दुबे उर्फ उदित रंजन उर्फ आनंद कृष्ण।div
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कानपुर की हरबंशमोहाल पुलिस ने 25 हजार के इनामी शातिर ठग संजय दुबे उर्फ उदित रंजन उर्फ आनंद कृष्ण को अरेस्ट कर लिया है। शातिर 5 साल से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। ठगी के मामलें में पुलिस ने जांच करके केस बंद कर दिया।
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लेकिन ठगी की शिकार महिला ने शातिर को महिला के एक होटल से उसकी जानकारी पुलिस को सौंपी और दोबारा जांच का आदेश कराया। इसके बाद पुलिस ने जांच में चार्जशीट दाखिल की और अब उसे 5 साल बाद अरेस्ट करके जेल भेज दिया।
पुलिस ने जांच करके बंद कर दी थी 25 हजार के इनामी की फाइल
कलक्टरगंज एसीपी मोहसिन खान ने बताया कि नारियल बाजार निवासी शोभा वर्मा ने हरबंशमोहाल थाने में अक्तूबर 2019 में ठगी की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के पास उनकी मुलाकात खुद को कृषि विभाग में अधिकारी बताने वाले उदित रंजन अवस्थी नाम के व्यक्ति से मुलाकात हुई थी।
उदित ने कृषि विभाग में क्लर्क की नौकरी का झांसा देकर 1 लाख 88 हजार रुपए लिया और ज्वाइनिंग लेटर तक दिया था। लेकिन बाद में पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है। उसे फर्जी नियुक्ति पत्र पकड़ाकर उदित फरार हो गया है। शोभा ने हरबंशमोहाल थाने में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
हरबंशमोहाल पुलिस ने जांच की लेकिन उदित का फोन नंबर दूसरे के नाम पते पर निकला। काफी तलाश की लेकिन पुलिस को कोई साक्ष्य नहीं मिला तो पुलिस ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिया था।
लेकिन शोभा वर्मा हार नहीं मानीं और आरोपी से संबंधित अन्य जानकारी जुटाकर 2023 में हरबंशमोहाल पुलिस को सौंपी। पुलिस कमिश्नर से मिलकर मामले में दोबारा जांच का आदेश कराया। पुलिस ने जांच की और शातिर ठग संजय दुबे उर्फ उदित रंजन उर्फ आनंद कृष्ण तक पहुंच गई।
इसके बाद उसके ऊपर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। पुलिस को सुराग मिला कि ठग की मथुरा कोर्ट में एक मामले में पेशी है, लेकिन ठग तारीख लेकर निकल गया और पुलिस को भनक भी नहीं लगी। इसके बाद पुलिस ने गुरुवार को शातिर ठग को केसा चौराहा कल्याणपुर से अरेस्ट कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
इस तरह लोगों को अपने जाल में फंसाता था ठग
पूछताछ के दौरान पकड़े गए ठग संजय दुबे उर्फ उदित रंजन उर्फ आनंद कृष्ण ने बताया कि वह मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय के पास रहता है। यहां पर आने वाले बेरोजगारों को अपना टारगेट करता था। अफसर बनकर उनको नौकरी का झांसा देता था। इसके बाद जाल में फंसाकर लाखों रुपए ठग लेता था। इतना ही नहीं उसने लखनऊ के पारा निवासी एक युवती को भी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी और दुष्कर्म भी किया।
युवती ने लखनऊ के पारा में ठगी और रेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी तरह ठगी और रेप के मिलाकर 8 एफआईआर दर्ज हैं। इसके अलावा सैकड़ों इस तरह के लोग हैं जिन्होंने आज तक एफआईआर ही नहीं दर्ज कराई। शातिर ठगी के बाद चंपत हो जाता था। शोभा की होशियारी से शातिर ठग पकड़ा गया।
इन जिलों में दर्ज हैं ठगी के मामले
जांच में सामने आया कि शातिर के खिलाफ कानपुर के कल्याणपुर थाना, कोतवाली कानपुर, कोतवाली कन्नौज, कानपुर देहात रूरा थाना, लखनऊ पारा थाना, गौतम पल्ली थाना लखनऊ और हरबंशमोहाल थाना कानपुर में ठगी, रेप, धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज

