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डीसीपी सेंट्रल रवीना त्यागी ने बताया, वकील सुनील के भड़काने पर ही अंजलि ने विक्रमादित्य मार्ग पर जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के बाहर खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था। महिला के मोबाइल की जांच की गई तो उसमें 4 कॉल रिकॉर्डिंग मिली। इसी में महिला को उकसाने का प्रमाण है। 2 से 6 जुलाई के बीच वकील और महिला के बीच 57 बार फोन पर बातचीत हुई थी।
अब पढ़िए पुलिस ने क्या खुलासा किया
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div class=”f46ba790″यह महिला की आत्मदाह करने से पहले की फोटो है। वह अपने बच्चे को गोद में लिए थी। थोड़ी देर बाद उसने आत्मदाह की कोशिश की।div
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लेकिन पहले एक नजर में पूरा मामला
लखनऊ में सीएम योगी के आवास के पास एक महिला ने मंगलवार दोपहर आत्मदाह की कोशिश की। उन्नाव से महिला जनता दरबार के लिए आई थी। बाहर आकर उसने गोद में लिए बच्चे को सड़क किनारे रखा। फिर बैग से पेट्रोल की बोतल निकाली। खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली।
आसपास के पुलिसकर्मी जब तक कुछ समझ पाते, महिला बुरी तरह जलने लगी। पुलिसकर्मी महिला को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन आग इतनी तेज थी कि हिम्मत नहीं कर पाए। बमुश्किल पानी डालकर आग बुझाई। तब तक महिला काफी जल चुकी थी। आग बुझते ही महिला खुद को बचाने की गुहार लगाने लगी।
वह बार-बार अपने बच्चे की तरफ देख रही थी। पुलिस अपनी गाड़ी से महिला को सिविल अस्पताल ले गई। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे KGMU रेफर कर दिया। महिला की हालत बेहद गंभीर है। उसका नाम अंजली जाटव पत्नी देशराज है।
महिला के पास से एक एप्लिकेशन मिली है। इसमें उसने उन्नाव के दरोगा राजेश यादव का नाम लिखा है। कहा है कि वह रिश्वत लेकर ससुराल वालों पर एक्शन नहीं ले रहा।
वकील ने महिला से कहा था- तुम आत्मदाह करो, सब औकात में आ जाएंगे
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div class=”f46ba790″वकील सुनील कुमार की ये फोटो पुलिस ने जारी की है। जिसमें उनका चेहरा ब्लर किया गया है।div
डीसीपी रवीना त्यागी ने बताया- वकील की अंजली से आखिरी बार बात मंगलवार सुबह 8.51 बजे हुई। तब अंजली ने उससे कहा- सर पहुंचने वाली हूं। तब अधिवक्ता ने जवाब दिया- ठीक है करो। इसके कुछ ही देर बाद अंजली ने खुद के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। इससे पहले की बातचीत में वकील ने कहा था कि सबसे अच्छा रहेगा कि ये काम सीएम आवास के पास जाकर करो।
सोमवार रात की बातचीत में वकील सुनील ने कहा था- तुम बस वो काम (आत्मदाह का प्रयास) करो। बवाल हो जाएगा। एसओ-सीओ सब औकात में आ जाएंगे। वहां ये जरूर कहना कि पुलिस वाले जातिसूचक शब्द कहकर गालियां देते हैं। इससे एससी/एसटी वाला पैसा भी दिला देंगे।
सोमवार रात को ही वकील ने अंजली से कहा था- लखनऊ में ऐसे खुला पेट्रोल कोई नहीं देगा। इसलिए उन्नाव से ही ले लेना। किसी डार्क डिब्बे में पेट्रोल ले जाना, जिससे दिखाई न दे। अंजली ने वैसा ही किया।
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div class=”f46ba790″डीसीपी मध्य रवीना त्यागी ने मामले का किया खुलासा।div
अब पढ़िए अंजली और वकील के बीच की आखिरी बातचीत
वकील: कल वाला काम करो समझ में आ जाएगा, एसओ और सीओ…(अपशब्द) औकात में आ जाएंगे।
पीड़िता: यही करेंगे पहले जा करके…।
वकील: ये काम करते ही समझो काम चालू, लाओ कल एफआईआर हम इनका बवाल कर ही दें…
पीड़िता: हम मुख्यमंत्री के यहां न जाएं।
वकील: नहीं मुख्यमंत्री के यहां जाओ।
पीड़िता: अब तो इसमें कुछ, वो लोग जेल चले गए हैं, तो इसमें ऐसा कुछ लिखा तो नहीं है सब इन्ही लोगों के खिलाफ है।
वकील: बड़ा मुस्किल काम है, हमारी बात समझ नहीं रही हो। तुम कानून नहीं जानती हो। उन्होंने जो 107/116 चलाया 151 किया है। इसके अन्तर्गत उनको जेल भेजा है तो अब इस मामले में वहां जाना बहुत जरूरी है। इसी समय कल पूरा थाना खाली हो जाएगा, खाली ये जाकर के बताओ कि 151 में इनको जेल भेजा है। हमको भी भेजने के मूड में थे, पुलिस वाले कह रहे थे इनको मिलने मत देना एसडीएम से, समझे, कल सुबह हम लोग आते हैं, तुम ऐसा करो, हमारा इन्तजार न करो तुम निकलो पहले लखनऊ।
पीड़िता: हां हम निलकते हैं, फिर जब हम आ जाएं तब आप निकलिएगा।
वकील: अपना काम करो लखनऊ में भगवान चाहेंगे तो 12 घंटे के अन्दर सब ठीक हो जाएगा। समझे कल इनको दिखा दो…।
पीड़िता: बस हमको कल भर खेल लेने दो, इसके बाद देखते हैं क्या होता है।
वकील: नहीं भगवान चाहेंगे तो कल सब हल हो जाएगा। तुम अर्ली ऑवर में निकलो। वहां पूरी बात बताओ, बस वही काम करो डिब्बे वाला, कह दो साहब अब मालूम हो गया यहां कुछ है नहीं, बस छोटी-छोटी बात के लिए यहां आना पड़ता है, मतलब यह पुलिस, हो सके तो यह कह देना कोतवाल पता नहीं किस बिरादरी का है।
पीड़िता: कोतवाल कुवंर बहादुर सिंह, है तो ठाकुर, ठाकुर ही है।
वकील: कल बताना जाके शाम को जब पति जेल गया तो उसने कहा था, साली चमारिन तुम्हारा दिमाग खराब है, तो हरिजन एक्ट बन जाएगा और इसका पैसा तुमको अलग से मिलेगा सरकार से।
पीड़िता: फिर तो सब ठीक है।
वकील: 70-80 हजार, और यह तुम्हारे पैर की धुवन घुलेंगे।
पीड़िता: यही करेंगे, सुबह जैसा कहा है…।
वकील: चाहे उनके आवास पर करो, चाहे विधानसभा पर करो, आवास जहां है, वहीं जाओ, वो ज्यादा अच्छा है।
पीड़िता: आवास पर नहीं गए थे, जहां जमा होता है वहीं गए थे।
वकील: मुख्यमंत्री वाला अलग होता है। तुम जाओ तुरन्त एक्शन होगा, यह काम जहां तुमने किया, मिट्टी का तेल वाला, डीजल वाला, पेट्रोल वाला, आफत मच जाएगी…आफत। यह जरूर कह देना, बाद में कि पति ने कहा था- साली चमारिन होश में रह नहीं तो तुमको कटवा कर मरवा देंगे, पता भी नहीं चलेगा।
पीड़िता: ठीक है सर, फिर सुबह निकलेंगे, तो बताएंगे, जब पहुंच जाएंगे वहां।
वकील: ठीक-ठीक वहां पहुंचकर अपना काम करना और सामान यहीं ले लेना।
पीड़िता: जी सर ले लेंगे यहीं।
वकील: वो वहां नहीं मिलेगा।
पीड़िता: समझ गए सर।
वकील: समझ गए ना।
पीड़िता: हां-हां
वकील: डार्क वाला कोई डिब्बा ले लेना, जिसमें दिखाई न पड़े, वो ले लेना, डार्क में सब दे देगें।
पीड़िता: ठीक है सर।
वकील: गाड़ी वालों के माध्यम से कह देना दे देगें।
पीड़िता: वही करेंगे, कह देगें, भइया स्कूटी खड़ी है, यहां पर थोड़ा दे दीजिए, हां वही।
वकील: भाई कुछ अपना बदलना सीखो।
पीड़िता: जी जी सर।
वकील: है ना बेटा, देखो राहें बहुत आसान नहीं हैं।
पीड़िता: जी सर।
वकील: पहुंच गए।
पीड़िता: सर बस पहुंचने वाली हूं।
वकील: ठीक है, करो
योगी आवास के पास महिला ने आत्मदाह की कोशिश की:गोद से बच्चे को किनारे रखा; पेट्रोल डालकर आग लगा ली; शिकायत में लिखा-दरोगा रिश्वतखोर
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लखनऊ में सीएम योगी के आवास के पास एक महिला ने आत्मदाह की कोशिश की। उन्नाव से महिला जनता दरबार के लिए आई थी। बाहर आकर उसने गोद में लिए बच्चे को सड़क किनारे रखा। फिर बैग से पेट्रोल की बोतल निकाली। खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली

