div class=”a88a1c42″
div
div class=”f3e032cb”
div class=”fe1b7d06″div
भारतीय जनता पार्टी की जिला पंचायत अध्यक्ष आरती रावत के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सही पाए गए हैं। प्रशासनिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद शासन ने उनके प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सीज कर दिए हैं।
div class=”cf559a0e b06c8b9b rendered” data-atd-fill-state=”unfilled”
div id=”Ad–28928716–Bhaskar–Article–M.DAB_AS_MID_300x250″ class=”fbad50ce” data-google-query-id=””
div id=”google_ads_iframe_/28928716/Bhaskar/Article/M.DAB_AS_MID_300x250_0__container__”div
div
div
शासन ने जिला पंचायत के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसमें जिला पंचायत सदस्य पलक रावत, अनीता, और शशिपाल को शामिल किया गया है। आरती रावत के कार्यकाल में लगभग डेढ़ वर्ष का समय शेष है, लेकिन अब उनके अधिकार छीनने के बाद यह समिति संचालन का कार्य देखेगी।
गोसाईगंज से भाजपा की जिला पंचायत सदस्य नीतू रावत ने आरती पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए थे। आरोपों में योजनाओं के बजट के दुरुपयोग, टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी, और अफसरों पर दबाव बनाकर मनमाने फैसले लेना शामिल था।
जांच में पाया गया कि आरती ने अपने कार्यकाल में जिला पंचायत के नियमों की अनदेखी करते हुए फंड का दुरुपयोग किया। एक गैर-जिला पंचायत क्षेत्र में सड़क निर्माण और अन्य परियोजनाओं पर भी पैसा लगाया गया। हालांकि, शिकायतकर्ता नीतू रावत को तीन सदस्यीय समिति में शामिल नहीं किया गया है।




