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लखनऊ की चिनहट पुलिस ने टप्पेबाज जीजा-साले को गिरफ्तार किया है। टप्पेबाज पता पूछने के बहाने बुजुर्ग के पास जाते। इसके बाद घर में समस्या बताकर उसे अपनी बातों में उलझा देते। फिर जेवर लेकर भाग जाते। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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वास्तुखण्ड गोमतीनगर में रहने वाले नितेश मोहन पुत्र सुभाषलाल श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि 2 दिसंबर को पिता काम से गए थे। वहां से लौटते वक्त अज्ञात युवकों ने पता पूछने के बहाने बातों में उलझाकर सोने की अंगूठी व गले की चेन उतरवा ली। मामले में पुलिस ने तीन टीम लगाई। सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से रविवार को तीन आरोपियों को गिफ्तार किया गया।
आरोपियों में दो सगे भाई
पूछताछ में आरोपियों की पहचान हुजाजी थाना देवा बाराबंकी के वाले असलम (41) पुत्र यार मोहम्मद, अकरम (28) पुत्र यार मोहम्मद और अमजद अहमद (35) पुत्र नसीर के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने माधन ग्रीन सिटी, चिनहट निवासी पुष्पा पाण्डेय पत्नी सुधाकर से 5 अक्टूबर को टप्पेबाजी की बात कबूल की।
आरोपियों ने खुद को ज्योतिष बताकर बातों में उलझाया फिर जेवर व मोबाइल लेकर भाग गए थे। पुलिस ने आरोपियों के पास तीन अगूंठी और एक सोने की चेन बरामद की है।
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एक पता पूछता, दूसरा ज्योतिष बनता
आरोपियों ने पूछताछ में बताया इलाके में घूमकर बुजुर्ग व महिलाओं को देखकर उन्हें अपनी बातों में उलझाते हैं। एक व्यक्ति पता पूछने के बहाने पास जाता है। तभी दूसरा व्यक्ति ज्योतिष बनकर आता है और खुद को हरिद्वार से आया संत बताकर उसकी पारिवारिक समस्या के बारे में बताने लगता है।
इसके बाद समस्या का समाधान करने के नाम पर गुरू मंत्र देता। गले के जेवर व अन्य कीमती चीज लेता। 51-52 कदम बिना पीछे मुड़े देखने की बात कहकर सीधा जाने की बात कहता। उसके आगे बढ़ते ही पीछे से टप्पेबाज गायब हो जाते।
जीजा-साले मिलकर करते टप्पेबाजी
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया, पकड़े गए आरोपियों में असलम व अकरम सगे भाई हैं। जबकि तीसरा आरोपी इनका जीजा लगता है। असलम पैर से दिव्यांग है। आरोपी लोगों को मदद के बहाने अपनी बातों में फंसाते। तभी ज्योतिष बनकर पहुंचे व्यक्ति को बड़ा विद्यवान बाबा बताकर झांसे में लेकर घटना को अंजाम देते। तीनों आरोपी बाराबंकी से लखनऊ आकर टप्पेबाजी करके वापस लौट जाते।

