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अंतराष्ट्रीय

सहकारिता विभाग में आयुक्त पर गंभीर आरोप, कर्मचारियों में बढ़ा आक्रोश

September 20, 2025 · admin · 1 मिनट पढ़ें

 

 

 

लखनऊ।
सहकारिता विभाग के आयुक्त एवं निबंधक योगेश कुमार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने विभागीय मुख्यालय चौधरी चरण सिंह सहकारिता भवन (पीसीयू) के पंचम तल पर बिना किसी शासकीय स्वीकृति और बजटीय प्रावधान के अपने लिए आलिशान कार्यालय कक्ष का निर्माण करवा रहे है। कर्मचारियों का आरोप है कि इस निर्माण के लिए आर्थिक रूप से कमजोर सहकारी संस्थाओं पर दबाव बनाया गया।

अधिकारियों–कर्मचारियों में गहरा रोष

योगेश कुमार की कार्यशैली और व्यवहार से विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों में गहरी नाराजगी है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि आयुक्त अक्सर अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हैं। उनके कथित बयानों में “तुम चोर हो”, “तुम्हें उल्टा टांग दूंगा” जैसे शब्द शामिल हैं। इतना ही नहीं, एक कर्मचारी के रंग पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का भी आरोप है।

पूर्व में भी 20 अगस्त 2025 को उनकी कार्यशैली से नाराज होकर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। उस समय योगेश कुमार ने खेद जताते हुए व्यवहार सुधारने का आश्वासन दिया था, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। इसी वजह से 19 सितंबर को दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

सहकारिता विभाग की संवेदनशीलता

गौरतलब है कि सहकारिता विभाग केंद्र और राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। ग्रामीण किसानों और गरीब तबकों को संस्थागत वित्त और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने में यह विभाग अहम भूमिका निभाता है। इतना ही नहीं, इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसे अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में भी घोषित किया है।

ऐसे महत्वपूर्ण विभाग में लंबे समय से वरिष्ठ और अनुभवी प्रमुख सचिव या अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों की ही नियुक्ति होती रही है। लेकिन इस बार विशेष सचिव स्तर के अपेक्षाकृत कनिष्ठ अधिकारी योगेश कुमार की नियुक्ति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

पुराने विवाद भी आए सामने

यह पहला मौका नहीं है जब योगेश कुमार विवादों में आए हों। वर्ष 2017 में अमेठी के जिलाधिकारी रहते हुए भी उनकी कार्यशैली और व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। अब सहकारिता विभाग में उनके खिलाफ दोबारा विरोध तेज हो रहा है।

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