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12वें दिन हमें थाने बुलाकर बेटी की लाश की फोटो दिखाई। गुमशुदगी की शिकायत के बावजूद पुलिस बरामदगी नहीं कर पाई और बेटी की हत्या कर दी गई। पुलिस ने एक और लापरवाही की, मां-बाप, भाई-बहन वाली वारिस बेटी की लाश को लावारिस में जला दिया।
यह दर्द है लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र के राजकिशोर का। उनका कहना है कि पुलिस की लापरवाही से उन्होंने बेटी को खो दिया और उसके अंतिम दर्शन तक नहीं नसीब हो पाए। इस रिपोर्ट में पढ़िए अपहरण, हत्या वाले केस की मिस्ट्री और मृतका के माता-पिता की जुबानी…
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div class=”f46ba790″लापता होने के तीसरे दिन लड़की की डेडबॉडी ट्रेन की पटरी पर मिली। फोटो एआई जेनरेटेड है।div
डूडा कॉलोनी में राजकिशोर राय पत्नी पिंकी, दो बेटियों और एक बेटे के साथ रहते हैं। उनकी बड़ी बेटी शीतल (16) 13 जनवरी को घर से कहीं चली गई। उसे उसके इंस्टाग्राम फ्रेंड अंशू गौतम ने शाम 7:20 बजे मिलने बुलाया। वह घर से शॉल ओढ़े हुए निकली। अंशू घर से कुछ दूरी पर उसका टाटा सफारी में इतंजार कर रहा था। इसी गाड़ी में अंशू के 4 दोस्त भी पीछे छिपकर बैठे थे।
उन दोस्तों में से एक आशिक यादव है जो शीतल से इंस्टाग्राम पर चैटिंग करने लगा था। यही बात अंशू को खल गई। उसने आशिक को शीतल की हत्या की साजिश में शामिल किया। 3 और लोगों को बुला लिया था। टाटा सफारी में घुमाने के बहाने ले जाकर सभी ने शीतल की हत्या कर दी। शव रेलवे ट्रैक पर रख दिया जिससे ट्रेन आने पर सिर धड़ से अलग हो गया। यह बात अंशू ने पुलिस को बताई।
इस बीच राजकिशोर परिवार के साथ थाने और चौकी की दौड़ लगाते रहे। लेकिन, पुलिस कोई सुनवाई नहीं कर रही थी। जब गुमशुदगी दर्ज की तब तक सरोजनीनगर पुलिस लावारिस में शीतल की डेडबॉडी का अंतिम संस्कार करा चुकी थी। अब पुलिस के हाथ-पांव फूले और हत्या के मुख्य आरोपी अंशू गौतम, दूसरे आरोपी आशिक यादव के साथ रिशू यादव और वैभव राजपूत को गिरफ्तार कर लिया।
पिता बोले- 12वें दिन पुलिस ने थाने बुलाया
मामला पारा थाना क्षेत्र के नरपत खेड़ा की डूडा कॉलोनी का है। यहां के रहने वाले राजकिशोर ने बताया- बेटी शीतल को उसके इंस्टाग्राम फ्रेंड अंशू गौतम उर्फ लक्की ने 13 जनवरी को बुलाया। शाम के 7 बजे थे। बेटी शॉल ओढ़कर घर के बाहर गई, फिर वापस नहीं आई। रात में हम लोगों ने बेटी को काफी तलाशा, लेकिन उसका पता नहीं चला।
हम अगली सुबह हंसखेड़ा पुलिस चौकी पहुंचे। वहां बताया कि हमारी लड़की को अंशू गौतम बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने गुमशुदगी में मामला दर्ज किया। बस, उसके बाद हम चौकी और पारा थाने की दौड़ लगाते रहे, लेकिन पुलिस हर बार यही कहती रही कि वह नैनीताल घूमने गई होगी।
25 जनवरी की रात सूचना दी गई कि तुम्हारी बेटी को भगाने वाले पकड़े गए हैं। हम खुशी-खुशी थाने की तरफ दौड़े। वहां पहुंचे तो हमारी बेटी नहीं थी। पुलिस ने अंशू के साथ उसके तीन और दोस्तों को गिरफ्तार कर रखा था। मेरी पत्नी रोते हुए पूछने लगी कि हमारी बेटी कहां है? उससे मिला दो। इस पर कोई पुलिसवाला कुछ नहीं बोल रहा था। तभी मैंने उन्हें आपस में बात करते सुन लिया कि वह मर चुकी है।
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div class=”f46ba790″मृतका के पिता राजकिशोर पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।div
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10 दिन तक हत्या छिपाए रही पुलिस
पिता राजकिशोर ने बताया कि बेटी की हत्या की जानकारी मिलने के बाद वे पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे, जहां पता चला कि पुलिस ने उसकी बेटी का 16 जनवरी की सुबह अंतिम संस्कार करवा दिया था। पुलिस को 15 जनवरी को ही पता चल गया था कि उसकी बेटी की हत्या हो गई है, तब उन्होंने रिपोर्ट दर्ज की।
पिता ने कहा कि पुलिस ने 10 दिन तक बेटी की हत्या का राज छिपाए रखा। आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें सूचना दी गई। अब डर लग रहा है कि पुलिस की ऐसी कार्रवाई से कहीं आरोपियों को जमानत न मिल जाए। अगर हत्यारों को जमानत मिली तो बेटी के साथ अन्याय होगा।
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div class=”f46ba790″शीतल से इंस्टाग्राम पर अंशू गौतम ने दोस्ती की। कुछ दिन बाद अंशू का दोस्त आशिक यादव भी शीतल से बात करने लगा था। उसके बाद अंशू ने प्लान करके 3 दोस्तों के साथ मिलकर शीतल की हत्या कर दी।div
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मां बोलीं- बेटी की लाश मिली, वह भी फोटो में
मां पिंकी देवी जब अन्य परिजनों के साथ पारा थाना पहुंचीं तो उन्हें पता ही नहीं था कि उनकी बेटी की हत्या हो चुकी है और उसकी डेडबॉडी भी जला दी गई है। पुलिसवालों ने उन्हें फोटो दिखाकर बताया कि बेटी मर चुकी है, यह सुनते ही वह रोने लगीं।हमने 14 तारीख को ही पुलिस में रिपोर्ट लिखाई थी, लेकिन पुलिसवाले कहते रहे कि तुम्हारी बेटी को कुछ नहीं हुआ है।
वह नैनीताल घूम रही है। आज पता चला कि चार लड़के पकड़े गए हैं। जब हम थाने अपनी बेटी को लेने पहुंचे तो पता चला कि उसकी हत्या कर दी गई थी। हम उसकी लाश तक नहीं देख पाए। सिर्फ फोटो दिखाई गई। बता रहे हैं कि थाने में बेटी की डेडबॉडी थी। कम से कम अपनी बेटी की मिट्टी (लाश) तो देख लेती। बेटी को लड़कों ने मार डाला। पुलिसवाले हमें गुमराह करते रहे। हमें मौत के बदले मौत चाहिए।
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div class=”f46ba790″पिंकी देवी 26 जनवरी की सुबह थाने पहुंचीं थीं। वह खुश थीं कि आज बेटी से मिलूंगी। पिंकी ने 13 से 26 जनवरी तक ठीक से खाना भी नहीं खाया।div
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div class=”f46ba790″लड़की अपनी कॉलोनी से शॉल ओढ़े हुए निकलती है। वह मोबाइल फोन देखती जा रही थी।div
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div class=”f46ba790″युवक टाटा सफारी में एसबीएन इंटर कॉलेज के सामने उसका इंतजार कॉलेज के सामने करने लगे। सफारी पर ब्लैक फिल्म है।div
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div class=”f46ba790″लड़की टाटा सफारी में बैठ जाती है। एक लड़का ड्राइविंग सीट और अन्य सभी पीछे बैठे हुए हैं।div
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शव लेकर शहर में घूमते रहे आरोपी
घटना से जुड़े कुछ CCTV भी सामने आए हैं, जिनमें शीतल पैदल जाते दिखाई दे रही है। इसके बाद आगे खड़ी एक सफेद सफारी में बैठती है। यह वही सफारी थी, जिसमें शीतल की गला दबाकर हत्या की गई। हत्या के बाद आरोपी शव लेकर शहर में घूमते रहे। देर रात हत्या को हादसा दिखाने के लिए जंगल के रास्ते सरोजनीनगर के पिपरसंड रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।
पुलिस को उसका सिर धड़ से अलग मिला था। सरोजनीनगर पुलिस ने शव को 72 घंटे तक पोस्टमॉर्टम हाउस में रखवाने के बाद पहचान न होने पर उसका लावारिस में अंतिम संस्कार करवा दिया। अगर पुलिस परिजनों की शिकायत पर समय रहते तलाश शुरू कर देती, तो शायद आरोपी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होते और परिवार शीतल के अंतिम दर्शन कर पाता।
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div class=”f46ba790″यही वह सफारी है जिसमें बिठाकर शीतल की हत्या की गई। पुलिस ने खुद बचने के लिए इसे बरामद किया था।div
पारा एसएचओ सुरेश सिंह ने कहा-
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मृतका के माता-पिता की तहरीर पर लड़की की तलाश की जा रही थी। उसकी हत्या करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया है।
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हालांकि, एसएचओ ने इस बात का जवाब नहीं दिया कि गुमशुदगी दर्ज करने में देर क्यों हुई?




