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हंगामा बढ़ता देखकर मौके पर 5 थानों की पुलिस बुलाई गई। DCP और ACP मौके पर पहुंचे। पार्षद को छोड़ने और मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। करीब 4 घंटे तक हंगामा चला।
घटना 2 फरवरी, सोमवार को गाजीपुर थाने की है। थाना क्षेत्र के बस्तौली गांव में कोर्ट के आदेश पर घर खाली कराने के विरोध में रामचंद्र वाल्मीकि का परिवार 31 जनवरी से धरने पर बैठा है।
स्थानीय सपा पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि भी सोमवार को धरने में शामिल हुए। आरोप है कि उन्होंने मकान में कोर्ट के आदेश पर लगाए गए ताले को जबरन तोड़वा दिया। इससे पुलिस से उनकी तीखी नोकझोंक हो गई।
धरने में शामिल लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों को चोट आई और उनकी वर्दी फट गई। इसके बाद पुलिस ने पार्षद समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया
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div class=”f46ba790″लखनऊ के गाजीपुर इलाके में पार्षद को ले जाती पुलिस।div
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div class=”f46ba790″पुलिस पार्षद को आगे-आगे लेकर भाग रही थी, समर्थक पीछे से पार्षद को छुड़ाने के लिए दौड़ रहे थे।div
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div class=”f46ba790″पुलिस की कार्रवाई से नाराज समर्थकों ने गाजीपुर थाना घेर लिया। पार्षद को छुड़ाने की मांग कर रहे हैं।div
मकान के मालिकाना हक को लेकर झगड़ा
बस्तौली गांव में स्थित एक मकान को लेकर विवाद है। रामचंद्र अपने परिवार के साथ मकान में रह रहे थे, जबकि कोर्ट के जरिए जितेंद्र मोहन नाम के व्यक्ति को मकान का मालिकाना हक मिला है। 31 मई 2025 को पुलिस जितेंद्र मोहन को कब्जा करवाने गई थी। रामचंद्र के परिवार और गांव वालों के विरोध के चलते पुलिस मकान नहीं खाली करवा पाई।
इस पर जितेंद्र मोहन ने वकील के माध्यम से सीपी, एसीपी और थाना प्रभारी को शिकायत भेजी। पुलिस ने 31 जनवरी 2025 को मकान खाली करवा दिया। मकान में ताला लगाकर चाबी जितेंद्र मोहन को सौंप दी। इसके बाद परिवार मकान के बाहर धरने पर बैठ गया।
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div class=”f46ba790″रामचंद्र का दावा है कि मकान जबरन खाली करवा लिया गया।div
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रामचंद्र बोले-25 साल से मकान में रह रहे
रामचंद्र का दावा है कि वह अपने परिवार के साथ 25 साल से मकान में रह रहे थे। कोर्ट का आदेश बताकर उसे जबरन खाली करा लिया गया। उनका सामान सड़क पर फेंक दिया गया। रामचंद्र के साथ वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोग धरने पर बैठे थे। पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि भी धरने में अपने समर्थकों के साथ हिस्सा ले रहे थे।
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div class=”f46ba790″समर्थकों के साथ धरने पर बैठे सपा पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि।div
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डीएम से नहीं मिली राहत, मकान का ताला तोड़ा
तीन दिन धरने के बाद लोग सोमवार को डीएम से मिले। हालांकि कोर्ट का आदेश होने की वजह उनको कोई राहत नहीं मिली। आरोप है कि वापस गांव लौटे पार्षद, उनके समर्थकों और परिवार के लोगों ने जबरन मकान का ताला तोड़ दिया।
इस पर पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो परिवार उग्र हो गया। पुलिस से मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों की वर्दी फट गई। कांस्टेबल मनोज को चोटें आईं। पुलिस ने बल का प्रयोग करते हुए पार्षद सहित 6 लोगों को हिरासत लिया। सभी को लेकर थाने पहुंची।
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div class=”f46ba790″धक्का-मुक्की में कांस्टेबल मनोज की वर्दी फट गई।div
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आक्रोषित लोगों ने थाना घेरा
पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि, राजेश, महेंद्र कुमार, शनि वाल्मीकि, अरुण कुमार और स्वाति की गिजफ्तारी की जानकारी स्थानीय लोगों मिली। इस बात से आक्रोशित लोग थाने पहुंच गए। पार्षद और दूसरे लोगों को छोड़ने के लिए नारेबाजी करने लगे।
ACP ने सुरक्षा को देखते हुए आसपास के 5 थानों से पुलिस बल बुलाया। इसके बाद मौके पर एडीसीपी ईस्ट अमोल मुकुट पहुंचे और लोगों को समझा बूझकर मामला शांत कराया। गिरफ्तार आरोपियों का 151 में चालान कर मेडिकल के लिए भेजा गया है।
पार्षद दल के नेता बोले- पुलिस की कार्रवाई गलत
सपा पार्षद दल के नेता कामरान बेग ने कहा- सपा पार्षद शैलेन्द्र वाल्मिकी बहुत सीधे हैं। उन्होंने जनता के हित में काम किया। पुलिस की तरफ से की गई कार्रवाई गलत है।




