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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राजधानी के लड़कियों के स्कूलों के आसपास बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की है। न्यायालय ने विशेष रूप से छात्राओं को परेशान किए जाने की घटनाओं पर संज्ञान लिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।
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सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने कहा कि उसे जानकारी मिली है कि कुछ लड़कियों के स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय, जब छात्राएं कैंपस के बाहर होती हैं, कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो रही है। स्टेशन रोड, चारबाग स्थित एपी सेन गर्ल्स पीजी कॉलेज की छात्राओं को तंग करने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
न्यायालय ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को इस मामले को देखने और अगली सुनवाई पर पूरी जानकारी न्यायालय को प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
ट्रैफिक जाम की समस्या
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यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने गोमती रिवर बैंक रेजीडेंट्स की ओर से वर्ष 2020 में दाखिल की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया है। इस याचिका पर पहले भी स्कूलों के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के संबंध में कई आदेश दिए गए थे।
प्रतिनिधि न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए
पूर्व के आदेशों के अनुपालन में, सीएमएस स्टेशन रोड, सीएमएस गोमती नगर एक्सटेंशन, सीएमएस गोमती नगर-1, सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल, ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज और लोरेटो कॉन्वेंट इंटर कॉलेज के प्रतिनिधि न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने अपने-अपने विद्यालयों के आसपास यातायात समस्या से निपटने के उपायों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
नगर निगम से सहयोग की मांग
कुछ विद्यालयों ने इस संबंध में राज्य सरकार और लखनऊ नगर निगम से सहयोग की भी मांग की। न्यायालय ने अगली सुनवाई पर डीजी, यातायात को भी उपस्थित होकर अपने सुझाव देने का निर्देश दिया है।




