उप्र सरकार की पहली प्राथमिकता है किसान : शाही

लखनऊ
प्रदेश सरकार किसानों को खरीफ सीजन में फसलों की रोपाई और बुवाई के उपरांत फसल संस्तुति के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु कटिबद्ध है और इसके लिए भारत सरकार से निरंतर संपर्क बनाए हुए है। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि प्रदेश का किसान योगी सरकार की पहली प्राथमिकता है, इसलिए हम उन्हें बीज से लेकर बाजार तक हर सुविधा समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।किसानों को उचित मात्रा में समय पर खाद उपलब्ध हो सके इसलिए सरकार ने प्रत्येक जिले में पर्याप्त और संतुलित मात्रा में खाद उपलब्ध करानाउन्हें खरीफ सीजन में फसल संस्तुति के अनुसार सुगमतापूर्वक पर्याप्त उर्वरक मिल सके। साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि प्रदेश में उर्वरकों कीसुनिश्चित किया है। सरकार ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे अपनी कृषि भूमि या बैनामा के अनुसार शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री कराएं ताकिकोई कमी नहीं है, अत: अनावश्यक रूप से उर्वरकों का अग्रिम भंडारण न किया जाए।
प्रदेश में एक अप्रैल से सत्ताइस जुलाई तक उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण के तुलनात्मक विवरण के अनुसार, 2026 में यूरिया की उपलब्धता31.55 लाख मीट्रिक टन रही, वहीं वितरण 2025 के 20.47 की तुलना में 2026 में 22.18 लाख मीट्रिक टन रहा। डीएपी की उपलब्धता 7.11 लाखमीट्रिक टन रही, जबकि वितरण 2025 में 3.96 और 2026 में 4.37 लाख मीट्रिक टन रहा। इसी प्रकार एनपीके की उपलब्धता 6.33 लाख मीट्रिक टनरही, तथा वितरण 2025 के 1.43 के मुकाबले 2026 में 1.90 लाख मीट्रिक टन रहा। एसएसपी की उपलब्धता 4.72 लाख मीट्रिक टन रही तथा वितरण2025 में 2.15 और 2026 में 2.13 लाख मीट्रिक टन रहा। एमओपी की उपलब्धता में 1.35 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि वितरण 0.24 लाख मीट्रिकटन रहा। 28 जुलाई 2026 को प्रदेश में कुल 14.77 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.81 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.90 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.46लाख मीट्रिक टन एसएसपी और 1.11 लाख मीट्रिक टन एमओपी उर्वरक उपलब्ध है। सहकारिता के क्षेत्र में यूरिया 5.43 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 2.39लाख मीट्रिक टन और एनपीके 1.42 लाख मीट्रिक टन मात्रा में उपलब्ध है, जबकि निजी क्षेत्र के बिक्री केंद्रों पर यूरिया 9.34 लाख मीट्रिक टन, डीएपी2.43 लाख मीट्रिक टन और एनपीके 3.49 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 32780 मीट्रिक टन यूरिया, 6715 मीट्रिक टनडीएपी और 1967 मीट्रिक टन एनपीके का क्रय एवं खपत कृषकों द्वारा किया जा रहा है।विभिन्न मंडलों में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर यूरिया, डीएपी तथा एनपीके उर्वरकों की कुल उपलब्धता मीट्रिक टन में सुनिश्चित की गई है,










Leave a Reply