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September 24, 2026
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लखनऊ

स्वयं सहायता समूहों की शक्ति से सशक्त हो रहा ग्रामीण उत्तर प्रदेश

August 2, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बना महिलाओं की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार

लखनऊ: 01 अगस्त, 2026 देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिए पिछले वर्षों में अनेक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम उठाए गए हैं। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूल मंत्र के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में उत्तर प्रदेश में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। दीनदयाल अन्त्योदय योजनादृराष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी एवं आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अन्त्योदय के विचार और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के राष्ट्र निर्माण के सपनों को आधार बनाकर संचालित यह मिशन ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को संगठित कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ रहा है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2013 से संचालित यह मिशन आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों की कम से कम एक महिला सदस्य को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार, कौशल विकास, वित्तीय सहायता एवं उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत महिलाओं को न केवल संगठित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आर्थिक निर्णय लेने की शक्ति भी प्रदान की जा रही है।
प्रदेश के सभी 75 जनपदों एवं 826 विकास खण्डों में संचालित इस अभियान के अंतर्गत वर्तमान में लगभग 1 करोड़ 19 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को 10 लाखसे अधिक स्वयं सहायता समूहों, 66 हजार से अधिक ग्राम संगठनों तथा 3298 संकुल स्तरीय संघों से जोड़ा जा चुका है। यह अपने आप में महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा सामाजिक परिवर्तन है। ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को मजबूत बनाने के लिए मिशन द्वारा विभिन्न बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर कम ब्याज दर पर त्वरित एवं आवश्यकतानुसार ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं को आत्मसम्मान, सामाजिक पहचान और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बन रहा है। मिशन के अंतर्गत महिलाओं को कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, लघु उद्योग, डिजिटल सेवाएं एवं स्वरोजगार आधारित गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
 उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने तथा गांवों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन आज गांव-गांव में परिवर्तन की नई कहानी लिख रहा है, जहां महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनकर उभर रही हैं।

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