New Delhi भारी बजट और योजनाओं के बावजूद नदी में सीधे गिर रहा गंदा पानी और कचरा नहीं रुक पा रहा है अनधिकृत डेयरियों और सीवेज का कचरा लगातार नदी को जहरीला बना रहा है.
संसद की स्थायी समिति ने दिल्ली की हवा और यमुना नदी की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है. करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी प्रदूषण स्तर और नदी की सेहत में सुधार न होने पर समिति ने सख्त रुख अपनाते हुए वैज्ञानिक संस्थानों और प्रशासन को नई और ठोस सिफारिशें दी हैं.
समिति ने कहा कि दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी होने का दुर्भाग्यपूर्ण दर्जा रखती है, जबकि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद प्रदूषित यमुना में भी ठोस सुधार दिखाई नहीं दे रहा है.
अब नयी सिफारिशें और योजनाएं –
वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल :
प्रदूषण कम करने और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता बढ़ाने पर जोर.
कचरा प्रबंधन :
डेयरियों से निकलने वाले कचरे को सीधे नालों में जाने से रोकने के लिए नए प्रोसेस प्लांट लगाने की तैयारी.
सख्त निगरानी :
नियमों का पालन न करने वालों पर जवाबदेही तय करने के निर्देश…




