लखनऊ, 1 सितंबर। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के बुनकरों को स्थायी बाजार और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकारी संस्थानों में स्थानीय स्तर पर निर्मित हथकरघा…
लखनऊ, 1 सितंबर। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के बुनकरों को स्थायी बाजार और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकारी संस्थानों में स्थानीय स्तर पर निर्मित हथकरघा उत्पादों की खरीद को बढ़ावा देगी। सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इस्तेमाल होने वाली बेडशीट, तकिया कवर और गॉज बैंडेज क्लॉथ की आपूर्ति प्रदेश के बुनकरों से कराने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
इसी को लेकर मंगलवार को विधान भवन स्थित कक्ष संख्या-80 में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न सरकारी विभागों और शासकीय उपक्रमों में इस्तेमाल होने वाले हथकरघा उत्पादों की खरीद और आपूर्ति व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश के बुनकरों को सरकारी खरीद का बाजार उपलब्ध कराना योगी सरकार की प्राथमिकता है। सरकारी संस्थानों में स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार गुणवत्तापूर्ण वस्त्रों की खरीद बढ़ने से बुनकर परिवारों को रोजगार के साथ आर्थिक मजबूती मिलेगी। साथ ही प्रदेश में तैयार होने वाले हथकरघा उत्पादों के लिए स्थायी बाजार भी विकसित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सरकारी खरीद की प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि बुनकर परिवारों को लगातार रोजगार और बाजार उपलब्ध कराना है। इससे पारंपरिक बुनकरी व्यवसाय से जुड़ी युवा पीढ़ी को भी इस क्षेत्र से जोड़ने में मदद मिलेगी।
दरअसल, 7 अगस्त 2026 को लोकभवन में आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य सरकारी विभागों और शासकीय उपक्रमों में प्रमुख रूप से इस्तेमाल होने वाली बेडशीट और गॉज बैंडेज की खरीद सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में मंगलवार की बैठक में इसकी कार्ययोजना पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में करीब 2,13,107 बुनकर कार्यरत हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में बुनकर बेडशीट, गॉज बैंडेज समेत विभिन्न प्रकार के वस्त्रों का उत्पादन कर रहे हैं। सरकारी संस्थानों में इन उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता मिलने से उन्हें व्यापक और स्थायी बाजार मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जरूरत के मुताबिक बेडशीट, तकिया कवर और गॉज बैंडेज क्लॉथ की आपूर्ति उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम लिमिटेड के माध्यम से कराने पर चर्चा हुई। इसके लिए बुनकर सहकारी समितियों और बुनकरों से निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार उत्पादन कराया जाएगा। संबंधित चिकित्सा संस्थानों को अपनी आवश्यकता के अनुसार समय से मांग और क्रय आदेश जारी करने की व्यवस्था विकसित करने पर भी विचार किया गया। इससे मांग के अनुरूप उत्पादन और आपूर्ति की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
मंत्री राकेश सचान ने सरकारी संस्थानों को उपलब्ध कराए जाने वाले उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति पर भी चर्चा हुई। नोडल अधिकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय कर उनकी जरूरत, उत्पादों की निर्धारित विशिष्टियों और आपूर्ति से जुड़ी जानकारी विभाग तक पहुंचाएंगे। इससे मांग के अनुरूप समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा उत्पादों के मानक, गुणवत्ता जांच, दर निर्धारण, मांग प्राप्त करने, क्रय आदेश, भुगतान और समयबद्ध आपूर्ति समेत सभी बिंदुओं को शामिल करते हुए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जाएगी।
मंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप पूरी कार्ययोजना को जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए अगले सप्ताह तक आवश्यक बिंदुओं को अंतिम रूप देने को कहा। उन्होंने कहा कि बुनकरों को उनके उत्पाद का सुनिश्चित बाजार मिलने से पारंपरिक बुनकरी व्यवसाय को नई गति मिलेगी। साथ ही युवा पीढ़ी को भी इस व्यवसाय से जोड़ने में मदद मिलेगी और प्रदेश की समृद्ध हथकरघा परंपरा को मजबूत आधार मिलेगा।
div
Source: Filmitics

