बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर के ‘जौहर’ को लेकर दिए गए बयान पर सियासी और सामाजिक विवाद बढ़ता जा रहा है, उनके बयान को लेकर पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं की प्रति…
बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर के ‘जौहर’ को लेकर दिए गए बयान पर सियासी और सामाजिक विवाद बढ़ता जा रहा है, उनके बयान को लेकर पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ चुकी हैं, अब बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भी स्वरा भास्कर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, धीरेंद्र शास्त्री ने जौहर को कायरता बताए जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे वीरता और समर्पण से जोड़कर देखा, उन्होंने कहा कि जौहर और भारतीय संस्कृति को समझने के लिए उसके ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भ को समझना जरूरी है।
स्वरा भास्कर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि रानी पद्मावती और जौहर को लेकर दिए गए बयान से वह सहमत नहीं हैं, उन्होंने कहा, “जौहर कायरता नहीं, जौहर तो वीरता है”, धीरेंद्र शास्त्री ने आगे जौहर को समर्पण से जोड़ते हुए कहा कि जो लोग भारतीय संस्कृति और उसकी परंपराओं को नहीं समझते, वे जौहर के ऐतिहासिक संदर्भ को भी नहीं समझ सकते, धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की और उनके बयान पर नाराजगी जाहिर की, उन्होंने कहा कि किसी को उनके बयान से बुरा लगे या भावनाएं आहत हों, वह अपनी बात कहते रहेंगे।
दरअसल, विवाद की शुरुआत स्वरा भास्कर के उस बयान से हुई, जो उन्होंने 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘वुमन लाइफ फ्रीडम टॉक’ कार्यक्रम के दौरान दिया था, एक सवाल का जवाब देते हुए स्वरा ने फिल्म में दिखाए गए जौहर के दृश्य का जिक्र किया, उन्होंने कहा कि जब उन्होंने 800 महिलाओं को जौहर करते हुए देखा तो उनके मन में यह सवाल आया कि अगर कोई महिला रेप सर्वाइवर होती, तो ऐसे दृश्य से उसे क्या संदेश मिलता? स्वरा ने सवाल उठाया कि क्या महिलाओं को यह संदेश दिया जाना चाहिए कि अपनी ‘इज्जत’ बचाने के लिए उन्हें अपनी जान दे देनी चाहिए।
स्वरा भास्कर ने अपने बयान में रेप सर्वाइवर्स के अधिकार और उनके जीवन को लेकर भी सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला यौन हिंसा की शिकार होने के बाद जीवित रहती है, तो समाज को उसे सम्मान और जीने का अधिकार देना चाहिए, उनके मुताबिक, किसी महिला की जिंदगी उसकी ‘इज्जत’ से कम महत्वपूर्ण नहीं हो सकती, स्वरा के इसी तर्क को लेकर जौहर की ऐतिहासिक परंपरा और उसके चित्रण पर बहस छिड़ गई।
स्वरा भास्कर के बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं, एक पक्ष जहां उनके सवालों को महिलाओं के अधिकार और रेप सर्वाइवर्स के प्रति संवेदनशीलता से जोड़कर देख रहा है, वहीं दूसरा पक्ष जौहर और रानी पद्मावती के संदर्भ में उनकी टिप्पणी की आलोचना कर रहा है, अब धीरेंद्र शास्त्री की प्रतिक्रिया के बाद यह विवाद एक बार फिर चर्चा में है, एक तरफ सवाल है कि ऐतिहासिक जौहर की परंपरा को आज के सामाजिक संदर्भ में कैसे देखा जाए, तो दूसरी तरफ बहस यह है कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और जीवन के अधिकार को इतिहास की घटनाओं के साथ किस तरह जोड़ा जाए, फिलहाल स्वरा भास्कर के बयान पर धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी ने इस पूरे विवाद को और तूल दे दिया है।
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Source: Filmitics

