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September 9, 2026
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Ayodhya News: संत का चोला, रिश्तों पर सवाल; कथावाचक देवेंद्र पाठक पर विवाह और धोखे के आरोप, बोले- दावे निराधार –

September 9, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

Ayodhya News: रामनगरी अयोध्या में संत भेषधारी कथावाचक देवेंद्र पाठक को लेकर विवाद सामने आया है। इलाहाबाद निवासी एक महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कथावाचक पर विवा…

Ayodhya News: रामनगरी अयोध्या में संत भेषधारी कथावाचक देवेंद्र पाठक को लेकर विवाद सामने आया है। इलाहाबाद निवासी एक महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कथावाचक पर विवाह और धोखे से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि वर्ष 2014 में उसने देवेंद्र पाठक से विवाह किया था और दोनों से एक बेटा भी है।

महिला ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल के साथ-साथ अयोध्या के वरिष्ठ अधिकारियों से किए जाने की बात कही है। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, इन आरोपों के जवाब में देवेंद्र पाठक ने उन्हें गलत और निराधार बताया है। उनका कहना है कि मामला वर्ष 2016 से न्यायालय में लंबित है और इलाहाबाद न्यायालय में तीन अलग-अलग पारिवारिक वाद चल रहे हैं।

महिला के मुताबिक, उसका देवेंद्र पाठक के साथ वर्ष 2014 में विवाह हुआ था। उसने यह भी दावा किया कि दोनों से एक बेटा है।

महिला का आरोप है कि वैवाहिक संबंध होने के बावजूद देवेंद्र पाठक वर्तमान में किसी दूसरी महिला के साथ रह रहे हैं। महिला ने कथावाचक की सार्वजनिक छवि और निजी जीवन से जुड़े विवाद को सामने रखते हुए प्रशासन से मामले की जांच की मांग की है।

महिला ने मुख्यमंत्री पोर्टल और अयोध्या के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत देने की बात भी कही है।

महिला ने यह भी दावा किया कि देवेंद्र पाठक पर पहले भी यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए जा चुके हैं।

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। इसलिए इसे महिला द्वारा लगाए गए दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। किसी आरोप की वास्तविकता जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।

महिला के आरोपों पर देवेंद्र पाठक ने टेलीफोन पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने सभी आरोपों को गलत और निराधार बताते हुए कहा कि महिला के साथ उनका पारिवारिक विवाद वर्ष 2016 से न्यायालय में लंबित है।

देवेंद्र पाठक के मुताबिक, इलाहाबाद न्यायालय में इस मामले से संबंधित तीन अलग-अलग पारिवारिक वाद चल रहे हैं। उनका कहना है कि महिला ने स्वयं न्यायालय में वाद दायर किया है, इसलिए उसे अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए।

देवेंद्र पाठक ने कहा कि मामले में न्यायालय जो भी फैसला सुनाएगा, वह उसका सम्मान करेंगे और उसका पालन किया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि महिला ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की मानसिकता से ये आरोप लगाए हैं।

इस तरह मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक ओर महिला विवाह और पारिवारिक संबंधों से जुड़े आरोप लगा रही है, जबकि कथावाचक इन आरोपों को खारिज कर न्यायालय में मामला लंबित होने की बात कह रहे हैं।

इस पूरे विवाद में सबसे अहम सवाल अब यही है कि महिला द्वारा वर्ष 2014 में विवाह किए जाने का दावा कितना सही है और कथित वैवाहिक संबंध से जुड़े दस्तावेज व अन्य साक्ष्य क्या कहते हैं।

इसी तरह बच्चे के संबंध में किए गए दावे और दूसरी महिला के साथ रहने के आरोपों की वास्तविक स्थिति भी जांच का विषय है।

चूंकि देवेंद्र पाठक के अनुसार मामला पहले से न्यायालय में लंबित है, इसलिए विवाद से जुड़े तथ्यों की अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

मामला व्यक्तिगत और पारिवारिक संबंधों से जुड़ा होने के कारण सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण है। फिलहाल महिला का पक्ष और देवेंद्र पाठक का स्पष्टीकरण दोनों सामने हैं।

जब तक जांच या अदालत की प्रक्रिया से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आता, तब तक किसी भी पक्ष के आरोप को प्रमाणित तथ्य के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।

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Source: Filmitics

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