अनुरीत के पास शुरुआत में खाने को खाना नहीं था, डाइट नहीं थी, पहनने को अच्छे कपड़े नहीं थे, बॉक्सिंग करने के लिए ग्लव्स नहीं थे, लेकिन एक चीज़ थी और वही काफ़ी स…
अनुरीत, एक ऐसी लड़की जो बरसों से बनी-बनाई रीत बदल रही है
सोनीपत में रहती थी तो लोग कहते थे कि ये लड़की है, इसे बॉक्सिंग करने की क्या ज़रूरत है, इसकी शादी करो और रवाना करो. ये ताने हर रोज़ के थे
एक दिन अनुरीत ने ठान लिया कि बहुत हो गया. अपनी मोटरसाइकल उठाई और हरियाणा के सोनीपत से उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर आ गईं
शुरुआत में खाने को खाना नहीं था, डाइट नहीं थी, पहनने को अच्छे कपड़े नहीं थे, बॉक्सिंग करने के लिए ग्लव्स नहीं थे, लेकिन एक चीज़ थी और वही काफ़ी साबित हुई, अनुरीत की हिम्मत
इसी हिम्मत, ज़िद और हौसले के दम पर अनुरीत ने एक सपना देखा और उस सपने को पूरा करने के लिए जी-जान से जुटी हैं
वो जिस कमरे में रहती हैं, वो बहुत छोटा है, लेकिन गोल्ड मेडल तक पहुंचने का उनका सपना बहुत बड़ा है, और उनकी कोशिशें, उससे भी बड़ी हैं
क्योंकि सपनों का कोई पिन कोड नहीं होता
प्रेज़ेंटर: विदित मेहरा और सोनाली सिंह
प्रोड्यूसर: भरत शर्मा
कैमरा: सेराज अली और महरोज़
एडिटिंग: सेराज अली
आर्टवर्क: पुनीत बरनाला और वासिफ़ ख़ान
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Source: BBC News हिन्दी







