Skip to content
September 13, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
samachar

BRICS 2026: नई दिल्ली घोषणापत्र पर महबूबा मुफ्ती का बयान, PM मोदी की विदेश नीति पर उठाए सवाल –

September 13, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

नई दिल्ली: BRICS शिखर सम्मेलन 2026 के नई दिल्ली घोषणापत्र को लेकर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने…

नई दिल्ली: BRICS शिखर सम्मेलन 2026 के नई दिल्ली घोषणापत्र को लेकर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा किए जाने को सकारात्मक कदम बताया, लेकिन इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की विदेश नीति को लेकर कई सवाल भी उठाए।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले की निंदा होना अच्छी बात है, लेकिन भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद के मुद्दे को और मजबूती से उठाने की जरूरत थी। उनके मुताबिक, BRICS की अध्यक्षता और शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत के पास थी, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी के पास आतंकवाद के खिलाफ भारत का पक्ष मजबूती से रखने का महत्वपूर्ण अवसर था।

PDP प्रमुख ने कहा कि BRICS सम्मेलन में भारत को पहलगाम हमले और आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी बात ज्यादा प्रभावी तरीके से रखनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर अपने शब्दों का बेहद सावधानी से इस्तेमाल किया और भारत अपनी अपेक्षित भूमिका पूरी तरह नहीं निभा सका।

महबूबा ने भारत की पारंपरिक विदेश नीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहचान मानवाधिकार, मानवता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध देश के रूप में रही है। उनके मुताबिक, जवाहरलाल नेहरू के दौर से भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और गुटनिरपेक्षता को लेकर अपनी अलग पहचान रखता आया है।

महबूबा मुफ्ती ने BRICS घोषणापत्र में पश्चिम एशिया और गाजा की स्थिति का उल्लेख होने को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत आतंकवादी घटनाओं और हिंसा के मुद्दे पर ‘चुनिंदा रवैया’ अपना रहा है।

उनका कहना है कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद, हिंसा और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ समान रूप से आवाज उठानी चाहिए। महबूबा ने इस संदर्भ में भारत की विदेश नीति के दृष्टिकोण पर सवाल खड़े किए और कहा कि देश को सभी तरह की हिंसा के खिलाफ स्पष्ट और समान रुख अपनाना चाहिए।

PDP प्रमुख ने कहा कि BRICS की अध्यक्षता भारत के पास होने के कारण देश के पास वैश्विक मंच पर अपनी प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से सामने रखने का बड़ा अवसर था। उन्होंने दावा किया कि भारत इस अवसर का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाया।

महबूबा मुफ्ती ने बदलती वैश्विक व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया अब एक ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ रही है जहां कई शक्तियां प्रभावशाली भूमिका निभा रही हैं। इस दौरान उन्होंने चीन और रूस के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इन देशों के नेताओं के बयानों पर काफी चर्चा होती है।

महबूबा के मुताबिक, ऐसे बदलते वैश्विक माहौल में भारत को भी अपनी विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी आवाज को अधिक प्रभावशाली तरीके से सामने रखना चाहिए।

BRICS घोषणापत्र के बाद महबूबा मुफ्ती का यह बयान ऐसे समय आया है जब आतंकवाद, पहलगाम हमला, गाजा और पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर भारत की विदेश नीति पर राजनीतिक बहस जारी है। महबूबा ने जहां घोषणापत्र में पहलगाम हमले की निंदा का स्वागत किया, वहीं उन्होंने सरकार से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद और मानवाधिकार के मुद्दों को और मजबूती से उठाने की मांग की है।

रश्मि सिंह एक अनुभवी पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता, न्यूज़ रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है और अपने पत्रकारिता करियर में कई बड़े मीडिया संस्थानों और न्यूज़ चैनलों के साथ काम किया है।राजनीति, जनसरोकार, उत्तर प्रदेश की सियासत और समसामयिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है। खबरों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों के लिए रोचक अंदाज में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है। डिजिटल पत्रकारिता के बदलते दौर में रश्मि सिंह का प्रयास है कि पाठकों तक तेज, विश्वसनीय और आसान भाषा में तथ्य आधारित खबरें पहुंचें।

div

Source: Filmitics

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *