AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा कि भारत की मूल भावना उसकी विविधता और प्…
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा कि भारत की मूल भावना उसकी विविधता और प्लूरलिज्म में है, जबकि बीजेपी गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून लागू करने की कोशिश कर रही है।
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ओवैसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार द्वारा गठित लॉ कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में UCC को भारत के लिए न तो आवश्यक और न ही उचित बताया था। गोवा का उदाहरण देते हुए ओवैसी ने बीजेपी और RSS को UCC लागू करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि गोवा में देश के अन्य राज्यों से अलग कई कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। ओवैसी ने गोवा के पारिवारिक कानूनों का जिक्र करते हुए वहां कैथोलिक समुदाय से जुड़े विवाह और तलाक के प्रावधानों तथा हिंदू समुदाय से संबंधित कुछ पुराने प्रावधानों का भी उल्लेख किया।
ओवैसी की यह टिप्पणी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने UCC को लेकर बड़ा दावा किया। शाह ने 13 सितंबर को कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी।अमित शाह के मुताबिक, कुछ राज्यों में UCC पहले ही लागू किया जा चुका है, जबकि बाकी राज्यों में इसे लागू करने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि तीन तलाक को खत्म करना मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा है।UCC को लेकर केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के बीच लंबे समय से राजनीतिक बहस जारी है। जहां बीजेपी इसे सभी नागरिकों के लिए समान कानून की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताती है, वहीं विपक्षी दल इसके प्रावधानों और संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
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Source: Filmitics







