पश्चिमी उत्तर प्रदेश की गैंगवार की दुनिया में कभी चर्चित रहा गैंगस्टर रणदीप भाटी भले ही पिछले कई वर्षों से जेल में बंद है, लेकिन पुलिस जांच में उसके गैंग और उस…
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की गैंगवार की दुनिया में कभी चर्चित रहा गैंगस्टर रणदीप भाटी भले ही पिछले कई वर्षों से जेल में बंद है, लेकिन पुलिस जांच में उसके गैंग और उससे जुड़े नेटवर्क का नाम एक बार फिर सामने आया है। दिल्ली में बीते सोमवार को हुए जिम ट्रेनर हत्याकांड की जांच के दौरान रणदीप भाटी का नाम सामने आने के बाद पुलिस की पड़ताल का दायरा बढ़ गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस वारदात के पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका थी या नहीं।रणदीप भाटी का नाम पश्चिमी यूपी में लंबे समय से अपराध की दुनिया से जोड़ा जाता रहा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर और आसपास के इलाकों में उसके नेटवर्क पर हत्या, रंगदारी, जमीन से जुड़े विवाद और फिरौती जैसे गंभीर मामलों में सक्रिय रहने के आरोप लगते रहे हैं। यही वजह है कि दिल्ली के जिम ट्रेनर हत्याकांड की जांच में उसका नाम सामने आने के बाद पश्चिमी यूपी के पुराने गैंग नेटवर्क भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
रणदीप भाटी के खिलाफ दर्ज मामलों में साल 2013 का समाजवादी पार्टी नेता चमन भाटी हत्याकांड भी प्रमुख रहा है। अक्टूबर 2023 में गौतम बुद्ध नगर की अदालत ने इस मामले में रणदीप भाटी समेत चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
यह मामला रणदीप भाटी के आपराधिक इतिहास में अहम माना जाता है। अदालत से दोषसिद्धि के बाद उसे उम्रकैद की सजा मिली और वह जेल में है। हालांकि, मौजूदा दिल्ली हत्याकांड में उसका नाम सामने आना इस बात की ओर इशारा करता है कि जांच एजेंसियां उसके पुराने नेटवर्क और संभावित संपर्कों को भी खंगाल रही हैं।
रणदीप भाटी का नाम पश्चिमी यूपी की गैंगवार की पुरानी कहानी से भी जुड़ा रहा है। साल 2004 में नरेश भाटी की हत्या के बाद रणदीप भाटी और उसके सहयोगियों ने गैंग की कमान संभाली। इसके बाद सुंदर भाटी गिरोह के साथ कथित वर्चस्व की लड़ाई ने खूनी रूप ले लिया।
इसी दौर में रणदीप भाटी के साथ उसके भांजे अमित कसाना का नाम भी सामने आया। दोनों ने अपना नेटवर्क मजबूत किया और पश्चिमी यूपी में गैंग की गतिविधियों का विस्तार किया। बाद में कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना के भी इस नेटवर्क से जुड़ने की बात सामने आई।
गैंगवार की इसी कहानी में साल 2011 की वह घटना भी शामिल है, जब सुंदर भाटी को निशाना बनाने के लिए उसके भांजे की शादी के दौरान कथित तौर पर रणदीप भाटी, अमित कसाना और अनिल दुजाना ने हमला किया था। हमले में AK-47 से फायरिंग की गई थी।
हालांकि, इस हमले में सुंदर भाटी बच निकला था, लेकिन गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद दोनों गैंगों के बीच दुश्मनी और गहरी हो गई।
साल 2014 में सुंदर भाटी गिरोह की ओर से बदले की कार्रवाई की बात सामने आई और अनिल दुजाना के भाई की हत्या कर दी गई। इसके बाद पश्चिमी यूपी में गैंगवार का यह सिलसिला और ज्यादा हिंसक होता चला गया।
अब दिल्ली के जिम ट्रेनर हत्याकांड की जांच में रणदीप भाटी का नाम सामने आने के बाद पुलिस पुराने आपराधिक नेटवर्क और मौजूदा संपर्कों को जोड़कर देख रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जेल में बंद होने के बावजूद क्या रणदीप भाटी से जुड़े लोगों का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है?
फिलहाल दिल्ली हत्याकांड में जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। लेकिन रणदीप भाटी का नाम सामने आने से पश्चिमी यूपी की पुरानी गैंगवार और उसके बचे हुए नेटवर्क एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
रश्मि सिंह एक अनुभवी पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता, न्यूज़ रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है और अपने पत्रकारिता करियर में कई बड़े मीडिया संस्थानों और न्यूज़ चैनलों के साथ काम किया है।राजनीति, जनसरोकार, उत्तर प्रदेश की सियासत और समसामयिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है। खबरों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों के लिए रोचक अंदाज में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है। डिजिटल पत्रकारिता के बदलते दौर में रश्मि सिंह का प्रयास है कि पाठकों तक तेज, विश्वसनीय और आसान भाषा में तथ्य आधारित खबरें पहुंचें।
div
Source: Filmitics







