Skip to content
October 6, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
rajneeti

अभय सिंह का सपा पर बड़ा हमला, राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर PDA पर उठाए सवाल –

October 6, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

3…

3

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा के लिए अपने आठ उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। बीजेपी की सूची सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी से निष्कासित गोसाईगंज विधायक अभय सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा के PDA फॉर्मूले पर सवाल खड़े किए हैं।

अभय सिंह ने अपनी पोस्ट में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवारों का जिक्र करते हुए लिखा कि सपा जिस PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक की राजनीति की बात करती है, उसकी उम्मीदवारों की सूची में इन वर्गों का प्रतिनिधित्व कहां दिखाई देता है। उन्होंने प्रो. राम गोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी के नाम का जिक्र करते हुए सपा पर निशाना साधा।इसके मुकाबले अभय सिंह ने बीजेपी की ओर से घोषित आठ उम्मीदवारों की सामाजिक पृष्ठभूमि का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सूची में OBC, अनुसूचित जाति, ब्राह्मण, राजपूत और महिला वर्ग से जुड़े चेहरों को जगह दी गई है।

बीजेपी के उम्मीदवारों में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।अभय सिंह ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा कि नारा घोषणा है, जबकि प्रतिनिधित्व उसकी परीक्षा है और भाषण आश्वासन है, जबकि अवसर उसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि समाज का नाम लेना राजनीति है, लेकिन समाज को स्थान देना प्रतिनिधित्व है। साथ ही उन्होंने कहा कि राजनीति भाषण से नहीं, बल्कि फैसलों से पहचानी जाती है।राज्यसभा चुनाव के बीच अभय सिंह का यह बयान सपा के PDA मॉडल और बीजेपी की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है। अब निगाहें नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों दलों की रणनीति और चुनावी समीकरण पर टिकी हैं।

Forgot your password? Get help

div

Source: Filmitics

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *