
रुपईडीहा बहराइच। नेपाल सीमा से सटे भारतीय क्षेत्रों में प्रतिबंधित चायनीज सामानों की तस्करी युद्ध स्तर पर जारी है। पुलिस का भारी भरकम अमला, कस्टम व एसएसबी भी इस तस्करी को रोकने में नाकाम सिद्ध हो रही हैं। नेपाल से इस समय नेपाली देशी घी, चीन निर्मित कॉस्मेटिक, चायनीज लहसुन व कीवी आदि सामान बेखौफ दिन में साइकिल सवार कैरियर नेपाल से रुपईडीहा में ढोते देखे जाते हैं।
इस इंडो नेपाल बार्डर पर भारत नेपाल के युवकों को एक संगठित गिरोह है। जो यह तस्करी कैरियर्स के माध्यम से करा रहा है। रुपईडीहा के पश्चिम एसएसबी की पचपकरी, रंजितबोझा, शिवपुरा व रुपईडीहा रेंज से सटी बख्शी फारेस्ट बीओपी हैं। ऐसे ही रुपईडीहा के पूरब निबिया, मनवरिया, मुंशीपुरवा प्रथम व मुंशीपुरवा द्वितीय अब्दुल्लागंज जंगल में स्थित है। इसी प्रकार नेपाल सीमा से सटे शिवपुर मोहरनिया गांव में पुलिस चौकी प्रस्तावित है। रुपईडीहा के पूरब सीतापुरवा गांव भी नेपाल सीमा से बिल्कुल सटा है।
दोनो स्थानों पर 1 एसआई व सिपाहियों की तैनाती है। हल्का नम्बर 3 में 2 एसआई व लगभग 1 दर्जन सिपाहियों की तैनाती है। हल्का नम्बर 3 में नगर पंचायत रुपईडीहा का क्षेत्र आता है। दिन दहाड़े रुपईडीहा के बजाजा मार्केट, आजाद नगर व स्टेशन रोड होते हुए प्रतिबंधित चायनीज माल साईकलों पर लादे कैरियर्स नई बस्ती व विवेकानंद नगर के गोदामो में डंप करते हैं।
फिर यह सारा प्रतिबंधित सामान रात में या सुबह 3 व 4 बजे पिकअप से लाद कर तस्कर नानपारा, बहराइच, कैसरगंज व लखनऊ तक पहुंचा रहे हैं। कहने को एसएसबी के जवान भी बार्डर पर पहरा दे रहे हैं। क्षेत्र के लोग इस दिन दहाड़े हो रही चायनीज सामानों की तस्करी को देखकर दबी जुबान से सुरक्षा एजेंसियों की संलिप्तता से इनकार नही कर पा रहे हैं।
और तो और रुपईडीहा नगर पंचायत में प्रांतीय व केंद्रीय गुप्तचर एजेंसियों के लगभग एक दर्जन अधिकारी व कर्मचारी तैनात हैं। यही नही बाबागंज में एटीएस थाना भी बना हुआ है। परंतु ये सभी एजेंसियां भारत में हो रही चायनीज सामानों की तस्करी रोकने में नाकाम है। इससे भारत का धन नेपाल होते हुए चाइना तक जा रहा है।
रुपईडीहा
12/9/2024

