
लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र के बेहटा गांव में मंगलवार देर रात फिर यानी 72 घंटे में तीसरा धमाका हुआ। इस गांव में इससे पहले भी दो बार विस्फोट हो चुके हैं, जिनमें एक दंपती और एक गाय की मौत हो चुकी है। 6 लोग घायल हैं। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं।

नियम तोड़कर किया गया विस्फोटकों का निस्तारण
जानकारी के मुताबिक, पुलिस और बम स्क्वायड ने सोमवार और मंगलवार को बेहटा गांव और आसपास छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 30 क्विंटल विस्फोटक बरामद किया था। उसे 15-15 फीट के गहरे गड्ढे में नष्ट कर दिया था।
उन्हीं गड्ढों में मंगलवार रात अचानक धमाका हो गया। इससे पास में स्थित जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी में दरार आ गई। डर की वजह से लोग रातभर सो नहीं पाए। लोगों ने बताया कि पुलिस ने विस्फोटक नष्ट करने में लापरवाही बरती।
विस्फोटक को गड्ढे में दबाने के बाद उसमें पानी नहीं भरा। इसकी वजह से उसमें ब्लॉस्ट हो गया।

रविवार को हुए थे 2 ब्लॉस्ट
लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र के बेहटा गांव में आलम पत्नी मुन्नी और बेटे इरशाद के साथ रहता था। रविवार को उसके घर में ब्लास्ट हुआ। पूरी बिल्डिंग जमींदोज हो गई। उससे सटा मकान ढह गया। आसपास के 4 अन्य घरों की दीवारें और छतें उड़ गईं।
जलने और मलबे में दबने से आलम और उसकी पत्नी मुन्नी की मौत हो गई। 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। गंभीररूप से घायल 2 लोगों का KGMU के ट्रॉमा सेंटर में उपचार चल रहा है। 3 अन्य घायल प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं।
धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज 2 किलोमीटर तक सुनाई दी। इसके बाद शाम को गांव के पास ही दूसरे गोदाम में ब्लास्ट हुआ था। उसमें एक महिला को चोट आई थी। 300 मीटर के दायरे के मकानों में दरार आ गई थी।

