
इस दौरान एक लड़की बेहोश हो गई। एलडीए और पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। अतिरिक्त पुलिस बल बुला लिया गया। तब जाकर लोग शांत हुए। उसके बाद एलडीए टीम ने अवैध निर्माण तोड़ा।
मामला गोमती नगर विस्तार के मलेशिया गांव का है। एलडीए अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण की जमीन पर कब्जा करके 8 परिवार रहता था। अवैध निर्माण तोड़कर जमीन खाली कराई गई है। हालांकि, कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि एलडीए ने बिना किसी नोटिस के कार्रवाई की है।



टीम को देखते ही कब्जेदारों ने शुरू कर दिया हंगामा
आज दोपहर में जैसे ही एलडीए की टीम बुलडोजर के साथ मलेशिया मऊ में दाखिल हुई। मोहल्ले में अफरातफरी मच गई। लोग घरों से बाहर निकल आए। अवैध रूप से प्राधिकरण की जमीन पर कब्जा जमाए लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। बुलडोजर के सामने खड़े हो गए। हंगामा करने लगे।
एलडीए के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामा बढ़ता देखकर एलडीए अफसरों को अतिरिक्त फोर्स और उच्च अधिकारियों को बुलाना पड़ा। मौके पर पहुंचे 3 जोनल अफसर भी माहौल नहीं संभाल पाए। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद अवैध कब्जेदार मोहम्मद सलीम और उनके परिजन छत से नीचे उतरे। इसके बाद एलडीए ने अवैध निर्माण तोड़ना शुरू किया।
प्राधिकरण ने पहले ही दिए थे कई नोटिस
एलडीए के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि मलेशिया मऊ में प्राधिकरण की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके 8 परिवार रहता है। कब्जेदारों ने पक्का निर्माण कर लिया है। उन्हें सालभर में कई बार नोटिस देकर कब्जा हटाने को कहा गया, लेकिन उन लोगों ने उसे नजरअंदाज कर दिया।
इस पर डुगडुगी बजवाकर कब्जा हटाने के लिए कहा गया। कब्जेदार फिर भी नहीं माने, इस पर आज बुलडोजर से अवैध निर्माण तोड़ा जा रहा है।

विकास योजनाएं हो रहीं प्रभावित
प्रभाकर सिंह ने बताया कि जमीन पर कब्जा होने से प्राधिकरण की विकास योजनाएं बाधित हो रही हैं। सड़क निर्माण, सीवर लाइन और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं समय से शुरू नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में एलडीए ने सख्ती दिखाने का निर्णय लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एलडीए ने जिला प्रशासन से मदद मांगी है।
20 करोड़ की लागत की है जमीन
खाली करवाई गई जमीन की कीमत मौजूदा समय में करीब 20 करोड रुपए की आंकी जा रही है। प्राधिकरण अफसरों की मानें, तो एक बीघा 6 बिस्वा जमीन पर कब्जा था। गोमती नगर विस्तार योजना के तहत यह जमीन है। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि यह जमीन प्राधिकरण द्वारा अर्जित है। इस पर लोगों ने अवैध तरीके से कब्जा किया था। इन सभी को कई बार नोटिस जारी किया गया था। कई बार हमारी टीम ने मुनादी करते हुए इन्हें खाली करने को कहा था।
यह कामर्शियल प्लाट है। इस मामले की अर्जन करवाई पहले ही हो चुकी है। मुआवजा भी को दिया जा चुका है।

