
सैनिक की पहचान पीजीआई के देवी खेड़ा गांव पवन पुरी कॉलोनी के रहने वाले मनोज कुमार के रूप में हुई। वह सेना में हवलदार पद पर कार्यरत है। उसकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में एलओसी पर है। सैनिक का दावा है कि वह ऑपरेशन सिंदूर में शामिल था।


इंस्पेक्टर पर प्लॉट कब्जा करने का आरोप
मनोज मंगलवार को अपनी पत्नी पूजा, मां और चाचा के साथ विधानसभा के सामने आत्महत्या करने पहुंचा। मनोज का कहना है कि उनका पीजीआई इलाके में एक प्लॉट है, जिस पर फतेहपुर में पुलिस विभाग में तैनात एक इंस्पेक्टर भू माफिया की मदद से कब्जा करने की कोशिश कर रहा है।

सैनिक की पत्नी बोली- हमें न्याय चाहिए
सैनिक की पत्नी पूजा ने बताया- पति ने डिफेंस कॉलोनी तेलीबाग में जमीन ली थी। जिस पर इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह जबरदस्ती कब्जा कर रहे हैं, जबकि उनकी रजिस्ट्री फर्जी है। हमने हर जगह गुहार लगाई, लेकिन हमारी कोई मदद नहीं कर रहा है, जबकि उनसे कई बार कहा गया कि जिससे हमने जमीन ली है, उसके सामने बातचीत कर लेते है, लेकिन वह लगातार दबंगई के दम पर हमारे प्लॉट पर निर्माण कर रहे हैं।
एसी में बैठे अधिकारी मदद नहीं कर रहे
उन्होंने बताया- पीजीआई थाने, मुख्यमंत्री पोर्टल और मुख्यमंत्री दरबार हर जगह गए। न्याय न मिलने पर हम अपने फौजी पति बच्चे और सास के साथ विधानसभा पर आत्महत्या करने आए थे। पूरी जिंदगी की कमाई हमने घर बनाने के लिए लगा दी। अब हमारे बच्चे खाने के लिए भी मोहताज हैं। हमारे पति कुपवाड़ा में तैनात होकर देश की सेवा कर रहे हैं। यहां एसी में बैठे अधिकारी हमारी मदद नहीं कर रहे हैं।
20 दिन से न्याय के लिए भटक रहे
पूजा ने बताया- पति ऑपरेशन सिंदूर में शामिल थे। देश की सेवा कर रहे है, उसी जवान का गला काटा जा रहा है। 20 दिन हो गया। हम इधर-उधर न्याय के लिए भटक रहे हैं। इंस्पेक्टर लगातार जमीन पर निर्माण करवा रहा है। सेना के कमांडर ऑफिसर ने लिख कर दिया। उस पर भी सुनवाई नहीं हुई है।
जवान बोला-अधिकारियों से लेकर सीएम तक गुहार लगाई
हवलदार मनोज कुमार ने बताया- 45 आरआर कुपवाड़ा में तैनात हूं। लखनऊ में जमीन खरीदी थी। जिस पर फतेहपुर के चांदपुर के थाना प्रभारी जबरदस्ती कब्जा कर रहे हैं। कमांडिंग ऑफिसर ने एक लेटर लिख कर दिया, जिसको डीएम को दिखाने के लिए बोला।
इसके अलावा गोरखपुर में मुख्यमंत्री से मिला, लखनऊ के जनता दरबार में मिला। पुलिस उपायुक्त से मिला। सैनिक वेलफेयर में डीएम से मुलाकात की। यहां प्लॉट पर निर्माण कार्य रुकवाने के आदेश हुए, लेकिन मेरे प्लॉट पर इंस्पेक्टर लगातार तेजी से निर्माण करवा रहा है।
जब तक न्याय नहीं मिलेगा, घर वापस नहीं जाऊंगा
जवान ने कहा- अब डीएम साहब भी कहने लगे हैं कि मेरे पास अथॉरिटी नहीं है, हमको जब तक अथॉरिटी नहीं मिलती, तब तक निर्माण को नहीं रोक सकते हैं। इसके बाद विधानसभा पर बीवी बच्चों के साथ खुद को खत्म करने पहुंचा था।
उन्होंने कहा- जब तक न्याय नहीं मिलेगा। घर वापस नहीं जाऊंगा। पिछले 20 दिन से भाग दौड़ करते-करते थक चुका हूं। छुट्टी पर आया था। बुधवार को ज्वाइन करना था, लेकिन कमांडर साहब से परमिशन लेकर काम करवाने के लिए रुका हूं।
मामले में इंस्पेक्टर पीजीआई का कहना है अभी उनका कोई भी मामला सिविल में नहीं चल रहा है। पीड़ित चाहते हैं उनका सारा समाधान तुरंत हो जाए।

