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लखनऊ में खुलेआम बिक रहे चाइनीज मांझे ने एक बार फिर खतरे की घंटी बजा दी है। 21 अक्टूबर की शाम हनीमैन चौराहे से पहले जेटीआरआई के पास बाइक से जा रहे पंडित आदर्श तिवारी के चेहरे पर मांझा लिपट गया।
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वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी नाक कट गई। उसमें 6 टांके लगें। गर्दन में भी घाव हो गया।
अचानक लिपटा चाइनीज मांझा, चेहरे से बहने लगा खून
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना उस वक्त हुई जब आदर्श तिवारी बाइक पर सवार होकर सड़क पार कर रहे थे। अचानक हवा में उड़ रही पतंग का चाइनीज मांझा उनके चेहरे और गर्दन पर लिपट गया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग राहगीरों की मदद से उन्हें लोहिया अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार हुआ। बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां टांके लगाए गए और चेहरे की पट्टी की गई।
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div class=”f46ba790″चाइनीज मांझा से पंडित आदर्श तिवारी की नाक कट गई।div
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किसी की भी जान जा सकती है
एमिटी यूनिवर्सिटी के पास रहने वाले घायल पंडित आदर्श तिवारी ने बताया कि “शहर में जगह-जगह खुलेआम चाइनीज मांझा बिक रहा है। यह बेहद खतरनाक है। समय रहते लोग न चेते, तो किसी की भी जान जा सकती है।” उन्होंने प्रशासन से अपील की कि चाइनीज मांझे को लेकर सख्ती बरती जाए।
प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम बिक रहा है चाइनीज मांझा
सरकार ने कई बार चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगाई है, क्योंकि यह धातु और कांच के महीन टुकड़ों से बना होता है, जो बेहद धारदार होता है। बावजूद इसके लखनऊ में पुराने लाट, चौक, अमीनाबाद, निशातगंज और आलमबाग जैसे इलाकों में चाइनीज मांझा बिक रहा है।
प्रशासनिक ढिलाई के कारण आए दिन दुर्घटनाओं और चोटों के मामले बढ़ते जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम को नियमित रूप से बाजारों की जांच करनी चाहिए, ताकि इस जानलेवा मांझे की बिक्री पर अंकुश लगाया जा सके।




