
मेयर ने कहा कि आज की बैठक से किसी प्रकार का निर्णय न निकलने के कारण 30 अक्टूबर को दोबारा बैठक बुलाई गई है। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से जनता के बीच हमें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने करीब 15 मिनट तक प्रेसवार्ता की। इस दौरान रजिस्टर पलटते हुए विवरण बताती रहीं।

पिछली बैठक के प्रस्तावों पर कोई काम नहीं हुआ
मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा- पिछली बैठक के बाद शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए कई प्रस्ताव पर सहमति बनी थी। जो संकल्प दिए गए थे उनमें से कुछ भी पूरा नहीं हुआ। स्ट्रीट लाइट, गड्ढामुक्त सड़क, सफाई व्यवस्था, पार्कों और सड़कों के नामकरण को लेकर दर्जनों संकल्प थे।
इनमें से कोई भी संकल्प पूरा नहीं हुआ। विकास के अधूरे कामों और संकल्पों को पूरा करने की जिम्मेदारी नगर आयुक्त समेत संबंधित अधिकारियों की थी मगर किसी ने भी इस पर कोई काम नहीं किया इसलिए इन पर दोबारा चर्चा के लिए अगली बैठक 30 अक्टूबर को होगी।

पार्षद बोले- अधिकारी बेहद लापरवाह हैं
पार्षद और कार्यकारिणी सदस्य अनुराग मिश्रा उर्फ अन्नू ने बैठक के बाद मायूसी जताई। उन्होंने कहा कि आमजनता के बीच में हम पार्षदों को जाना पड़ता है और जवाब देना पड़ता है। मगर यह बात नगर निगम के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाएं नहीं समझ रही हैं।
पिछली बैठक के बाद कई दर्जन संकल्प तैयार किए गए थे जिसमें से एक भी पूरा नहीं हुआ। आज की बैठक के बीच में मेयर बेहद चिंतित नजर आईं और लगातार कर्मचारियों और अधिकारियों को फटकार लगाती रहीं। अधिकारी बेहद गैर जिम्मेदारी वाला रवैया अपना रहे हैं।
अधिकारी किसी प्रकार कोई तैयारी करके बैठक में शामिल नहीं होते हैं जिसकी वजह से आम जनता और नगर निगम का नुकसान हो रहा है। कई पार्षदों ने यह मांग की है कि अगली बैठक में पूरी तैयारी के साथ आए और जो भी संकल्प हैं उसे पूरे किए जाएं।
कार्यकारिणी के सदस्य ने कहा- आज की बैठक में सारे पुराने प्रस्ताव रखे ही रह गए।
दुकानें नीलामी के बाद किराए पर मिलेंगी
लगातार हंगामे और बहस के बीच बैठक हुई। पार्षदों से मिली जानकारी के अनुसार, कार्यकारिणी की बैठक में गणेशगंज-बशीरतगंज वार्ड के हाथी खाना में दुकानों को नीलामी के जरिए किराए पर आवंटित करने का प्रस्ताव लाया गया। इस प्रकार का प्रस्ताव नगर निगम कार्यकारिणी में पहली बार आया।
पार्कों के रखरखाव जोन स्तर पर या वार्ड स्तर पर कराए जाने के मामले को लेकर कार्यकारिणी में विवाद देखा गया। बैठक में पार्षदों ने निजी कंपनी को वार्डों की सफाई पर नाराजगी जताते हुए काम में लापरवाही का आरोप लगाया।

