
मानक नगर थाना क्षेत्र में 18 साल की मानसिक रूप से दिव्यांग युवती अपने पिता और बहनों के साथ रहती है। बड़ी बहन के मुताबिक, छोटी बहन 2 नवंबर की शाम करीब 6 बजे घर के पास घूम रही थी। काफी देर तक घर नहीं लौटी तो हम लोगों ने उसे ढूंढना शुरू किया। मोहल्ले के बच्चों ने बताया कि उसको कोई स्कूटी पर बैठा कर ले गया है।
बहन ने बताया कि हम लोगों ने उसको खूब ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिली। इस पर मानक नगर थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

थाने से आया फोन, हो रही थी ब्लीडिंग
पीड़िता की बड़ी बहन ने बताया- पुलिस को रात में ही उस स्कूटी की फुटेज मिल गई। उसके आधार पर रात में ही पुलिस को सारी जानकारी मिल गई। पुलिस ने रात करीब 3:30 बजे बहन बरामद कर दिया, लेकिन हम लोगों को 3 अक्टूबर की सुबह 11 बजे इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पुलिसवालों ने समय से बहन के मिलने की सूचना नहीं दी। पुलिस ने यह भी नहीं बताया कि बहन कहां और किस हालात में मिली। उसके कपड़े भी पुलिसवालों ने खुद ही चेंज कर दिए। उसको ब्लडिंग बहुत ज्यादा हो रही थी। सुबह से कहते-कहते शाम को पुलिसवालों ने उसको एडमिट करवाया। वह दर्द से तड़प रही थी, लेकिन पुलिस ने एक भी नहीं सुनी।
पीड़िता की बहन ने कहा- पुलिस ने मामले में लापरवाही बरती है। मेडिकल जांच कराने में देरी की है।
आरोपी ने चार बार घुमाई स्कूटी
पीड़िता की बहन ने बताया- आरोपी उनकी बहन को स्कूटी पर बैठाने के लिए चार बार उसके इर्द-गिर्द घुमा। उसे स्कूटी पर बैठने का लालच दिया। मानसिक दिव्यांग होने के कारण वह लालच में बैठ गई, लेकिन जब वह हम लोगों को मिली तो उसकी स्थिति दयनीय थी। यह सारी घटना सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हुई है।

पुलिस दे रही गोलमोल जवाब
परिजनों का आरोप है कि पुलिस लगातार इस मामले को लेकर गोलमोल जवाब दे रही है। पुलिस को स्कूटी बरामद हो गई, लेकिन उसके संबंध में सही जानकारी नहीं दे रही है। पुलिस कह रही है कि वह चोरी की भी हो सकती है, लेकिन उनके पास इसका कोई प्रूफ नहीं है। पुलिस यह भी नहीं बता रही है कि स्कूटी कहां पर बरामद हुई है? मानक नगर इंस्पेक्टर ने बताया कि घटना की जानकारी होते ही टीमों को लगा दिया गया था। युवती को बरामद कर लिया गया है। आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।

