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div class=”f46ba790″प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की।div
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रिटायरमेंट के बाद भी अधिकारी को जिम्मेदारी देने पर आपत्ति
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया गया है कि सैयद अख्तर अब्बास नामक व्यक्ति, जिन पर पहले से कई आरोप बताए जा रहे हैं, उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद भी KGMU में जिम्मेदारी दी गई। प्रदर्शनकारियों ने इसे अनुचित बताते हुए तत्काल कुलपति के OSD पद से हटाने और उनकी नियुक्ति व आरोपों की जांच किसी स्वतंत्र सरकारी संस्था से कराने की मांग की। दोषी पाए जाने पर रिकवरी और कार्रवाई की भी बात कही गई है।
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी पर भरोसा नहीं
विश्व हिन्दू परिषद ने KGMU प्रशासन द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि ऐसे गंभीर मामलों की निष्पक्ष जांच विश्वविद्यालय स्तर पर संभव नहीं है। इसलिए मांग की गई है कि इस कमेटी को भंग कर मामले की जांच STF या किसी अन्य उपयुक्त स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। ज्ञापन में KGMU के कुछ डॉक्टरों और प्रोफेसरों पर महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में संलिप्तता के आरोपों का भी जिक्र किया गया है। संगठन ने कहा है कि ऐसे मामलों की जांच के लिए विश्वविद्यालय से बाहर की समिति बनाई जाए, जिसमें महिला आयोग की सदस्य, सेवानिवृत्त IAS/IPS और सेवानिवृत्त न्यायाधीश शामिल हों।
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div class=”f46ba790″प्रदर्शनकारियों ने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।div
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आउटसोर्सिंग और नियुक्तियों की जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों ने आउटसोर्सिंग के जरिए हो रही नियुक्तियों पर भी सवाल खड़े किए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि किसी विशेष वर्ग को लाभ तो नहीं दिया जा रहा, इसकी जांच किसी बाहरी राज्य या केंद्र सरकार की संस्था से कराई जाए।
अंत में चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र और उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन को व्यापक आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री समरेंद्र सिंह ने बताया कि आज हम बुद्धि शुद्धि यज्ञ और कुलपति का पुतला फूंकने आए थे।
कुलपति ने हमारी बात सुनी। हमारी दो मांगों को मान दिया। अन्य मांगों के लिए शासन को पत्र लिखने का आश्वासन दिया।
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div class=”f46ba790″समरेंद्र सिंह ने बताया कि हमने मामले की STF से जांच कराने की मांग की है।div
पीड़ित महिला डॉक्टर ने सुसाइड की कोशिश की, तब सामने आया मामला
पीड़ित महिला डॉक्टर KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रही है। 17 दिसंबर को उसने दवा की ओवरडोज लेकर सुसाइड की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में KGMU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। 19 दिसंबर को उसे डिस्चार्ज किया गया।
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रहे डॉ. रमीज ने बेटी को लव जिहाद में फंसाया। उस पर शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। जबकि, वह पहले से शादीशुदा है। फरवरी में वह हिंदू लड़की का धर्मांतरण कराकर उससे शादी कर चुका है।
मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग में शिकायत की
पीड़ित के पिता ने मामले की राज्य महिला आयोग और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके बाद 22 दिसंबर को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पीड़ित के साथ प्रेस वार्ता करके कार्रवाई का आश्वासन दिया।
24 दिसंबर को विशाखा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद KGMU प्रशासन ने डॉ. रमीज को सस्पेंड करके परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दिया। आरोपी के खिलाफ के FIR भी दर्ज हो गई। 26 दिसंबर को कुलपति ने KGMU में कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई। कमेटी ने 27 दिसंबर को जांच शुरू कर दी। कमेटी 7 दिन में अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी।




