
महसी बहराइच -महसी के रेहुवा मंसूर गांव में चार दिनों से वन विभाग की रेस्क्यू टीमों को छका रहा बाघ आखिरकार आजाद नगर में पकड़ा गया। रेस्क्यू टीमों ने ट्रेंकुलाइज कर उसे सुरक्षित पकड़कर पिंजरे में कैद कर रेंज कार्यालय बहराइच ले गए। जहां पर डाक्टरों द्वारा स्वास्थ परीक्षण किया जाएगा। उसके उपरांत उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार पकड़े गए बाघ को सुरक्षित स्थान पर भेजा जाएगा।
महसी क्षेत्र के थाना रामगांव रेहुवा मंसूर गांव में पांच दिन पूर्व एक सांड़ का शिकार करने के बाद बाघ रेहुवा व पासिन पुरवा के बीच करीब दो डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्रफल में घने गन्ने के खेतों में स्थान बदल बदल कर डेरा जमाए हुए था। शुक्रवार को दुधवा से मंगवाई गई हथिनी डायना व सुलोचना पर सवार रेस्क्यू टीमों को बाघ गन्ने इधर-उधर भाग कर दिन भर छकाता रहा। शनिवार सुबह मौसम अनुकूल होते ही रेस्क्यू आपरेशन शुरू हुआ तो ड्रोन कैमरों में कहीं लोकेशन ट्रेस नहीं हुई। उसके टीमें पग मार्गों को खंगालने लगी कुछ देर बाद रेहुवा व आजादनगर के बीच स्थित नदी के उसपार जाने के पगमार्ग मिले। रेस्क्यू टीमों ने डायना व सुलोचना संग आजादनगर पहुंच मोर्चा संभाला। रेस्क्यू अभियान को निर्देशित कर रहे क्षेत्रीय वनाधिकारी मोहम्मद शाकिब ने बताया कि करीब चार बजे बाघ को आजादनगर में एक गन्ने के खेत में ट्रेंकुलाइज कर करके सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार सुरक्षित जगह छोड़ा जाएगा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार इससे पहले बहराइच जिले में सन 2009 में आया था। लेकिन उसे रेस्क्यू नहीं किया जा सका था। वह यहां से स्वतः चला गया था। फिर सत्रह वर्ष बाद इस बाघ की आमद हुई है। जिसे चार दिन बाद रेस्क्यू टीमों की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।

