लखनऊ सिविल कोर्ट परिसर से 2 युवकों को पिस्टल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया। इनमें से एक आरोपी का केस एनआईए कोर्ट में चल रहा है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। कोर्ट परिसर में हथियार ले जाने की मंशा अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
पुलिस के अनुसार भानु प्रताप यादव राजाजीपुरम इलाके का रहने वाला है। उसका एक केस एनआईए कोर्ट में विचाराधीन है। गुरुवार को वह कचहरी परिसर में प्रवेश करते समय गेट नंबर-8 पर रोका गया। तलाशी के दौरान उसके पास से फैक्ट्री मेड .32 बोर पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए।

हथियार का लाइसेंस नहीं दिखा पाए
पुलिसकर्मियों के मुताबिक भानु प्रताप नशे में था और उसके पास एक ब्रीफकेस भी मिला। प्रारंभिक पूछताछ में उसने पिस्टल को लाइसेंसी बताया, लेकिन वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका।
दूसरा आरोपी लालचंद ठाकुरगंज का रहने वाला है। वह भानु प्रताप यादव के साथ कचहरी आया था। पुलिस ने दोनों को एक साथ हिरासत में लिया। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि लालचंद, भानु प्रताप के साथ न्यायालय परिसर क्यों आया था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कोर्ट परिसर में पिस्टल और कारतूस के साथ युवकों का पकड़ा जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि नियमित चेकिंग और सतर्कता के कारण ही दोनों को समय रहते पकड़ लिया गया।
दोनों युवकों को थाने ले जाया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कोर्ट परिसर में हथियार ले जाने के पीछे उनकी क्या मंशा थी।


