
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य पद के चुनाव के लिए लखनऊ में पांच दिवसीय मतदान प्रक्रिया रविवार खत्म हो गई। 11 मार्च से शुरू हुई इस प्रक्रिया में हाईकोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं ने मतदान किया। अंतिम दिन सबसे अधिक करीब 82 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अब मतगणना के बाद 25 सदस्यीय कमेटी के लिए विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी।
यूपी बार काउंसिल के इस चुनाव में लखनऊ में रजिस्टर्ड अधिवक्ताओं को अलग-अलग वर्षों के आधार पर मतदान की तिथि निर्धारित की गई थी। इसी क्रम में प्रतिदिन लगभग साढ़े पांच हजार अधिवक्ताओं को मतदान का अवसर दिया गया।
11 मार्च से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया में पहले दिन सन् 1962 से 2000 तक के रजिस्टर अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके बाद अगले दिनों में अलग-अलग बैच के अधिवक्ताओं ने मतदान किया और 15 मार्च को अंतिम दिन प्रक्रिया पूरी हुई।

हर दिन रहा अच्छा मतदान प्रतिशत
मतदान के दौरान अधिवक्ताओं में काफी उत्साह देखने को मिला। पहले दिन करीब 73 प्रतिशत मतदान हुआ। दूसरे दिन यह आंकड़ा लगभग 76 प्रतिशत तक पहुंच गया। तीसरे दिन 67 प्रतिशत और चौथे दिन करीब 71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
वहीं अंतिम दिन यानी 15 मार्च को सबसे अधिक लगभग 82 प्रतिशत मतदान होने की जानकारी सामने आई है। कुल मिलाकर पांच दिनों में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
हाईकोर्ट परिसर में दिखी चुनावी हलचल
मतदान के दौरान लखनऊ स्थित हाईकोर्ट परिसर और उसके आसपास पूरे दिन चुनावी हलचल बनी रही। विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थक अधिवक्ताओं से संपर्क कर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील करते नजर आए।
हालांकि मतदान केंद्र के भीतर किसी भी प्रकार के प्रचार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था और चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।

जनवरी में हंगामे के कारण टल गया था चुनाव
गौरतलब है कि यूपी बार काउंसिल का चुनाव पहले 27 और 28 जनवरी को प्रस्तावित था, लेकिन उस समय अव्यवस्था और हंगामे की स्थिति के कारण चुनाव प्रक्रिया को स्थगित करना पड़ा था।
इसके बाद संशोधित कार्यक्रम के तहत लखनऊ में 11 से 15 मार्च के बीच मतदान कराया गया। प्रदेश के अधिकांश जिलों में मतदान पहले ही पूरा हो चुका था, जबकि लखनऊ में करीब 26 हजार अधिवक्ता इस चुनाव में मतदाता हैं।
331 प्रत्याशी मैदान में, 25 सदस्य चुने जाएंगे
प्रदेश स्तर पर होने वाले इस चुनाव में सदस्य पद के लिए कुल 333 अधिवक्ताओं ने नामांकन किया था। हालांकि दो प्रत्याशियों के निधन के बाद अब 331 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं।
इनमें से मतगणना के बाद 25 सदस्यीय कमेटी के लिए विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी। बड़ी संख्या में उम्मीदवार होने के कारण अधिवक्ताओं के बीच चुनाव को लेकर खासा उत्साह और सक्रियता देखने को मिली।

